नई दिल्ली : पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बुधवार को चंडीगढ़ लौटने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा कैबिनेट मंत्री के ओहदे से दिए गए इस्तीफे पर फैसला ले सकते हैं। सिद्धू ने सोमवार को अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर भेज दिया था, जबकि मुख्यमंत्री उस समय नई दिल्ली में थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में उनकी कुछ बैठकें हैं और वह बुधवार को चंडीगढ़ लौटेंगे। सिंह ने बताया, "मैं कल चंडीगढ़ लौटने के बाद इस्तीफे पर फैसला लूंगा। मुझे इस्तीफा पर फैसला लेने से पहले त्याग पत्र की अंतर्वस्तु देखनी होगी।"

वहीं मुख्यमंत्री ने सिद्धू का इस्तीफा मिल जाने की बात स्वीकार करते हुए कहा था कि वे चंडीगढ़ लौटकर पढ़ेंगे कि इस्तीफे में क्या लिखा है, उसके बाद ही उस पर फैसला लेंगे। वैसे मुख्यमंत्री ने सोमवार और मंगलवार को अपने दिल्ली प्रवास के दौरान पत्रकारों द्वारा सिद्धू के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवालों के जो जवाब दिए, उससे यही अंदाजा लगाया गया है कि मुख्यमंत्री सिद्धू का इस्तीफा मंजूर कर लेंगे।

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सोमवार को कैप्टन ने पत्रकारों से सवालों के जवाब में सिद्धू के बारे में कहा था कि अगर कोई काम नहीं करना चाहता तो इसमें मैं क्या कर सकता हूं। सिद्धू को लेकर ही मंगलवार को भी कैप्टन की एक टिप्पणी उस समय आई जब पत्रकारों ने केंद्र द्वारा पंजाब में परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाए जाने के बारे में कैप्टन से पूछा।

कैप्टन का जवाब था- ‘फिलहाल तो मेरे पास बिजली मंत्री भी नहीं है।’ साफ है कि मुख्यमंत्री अब सिद्धू को अपने साथ नहीं मान रहे हैं और बुधवार को उनका इस्तीफा स्वीकार हो सकता है।