लखनऊ : उत्तर प्रदेश की 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को भारी बहुमत से जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच काफी लंबी बातचीत हुई है। माना जा रहा है कि उपचुनाव के पहले उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल में भी कुछ फेरबदल हो सकता है।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की 12 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पार्टियां इसके लिए अपनी तरफ से उम्मीदवारों के चयन के साथ-साथ अन्य तरह की रणनीति बनानी शुरू कर दी है । भारतीय जनता पार्टी इस समय इसको लेकर पूरी तरह से एक्शन मोड में है और एक 11 सीटों पर 11 मंत्रियों को तैनात भी कर दिया गया है।

इतना ही नहीं, भारतीय जनता पार्टी ने जलालपुर सीट को जीतने के लिए दो मंत्रियों की तैनाती की है, जिन 12 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं । उन में से 10 सीटें भारतीय जनता पार्टी के कब्जे वाली हैं । अतः भारतीय जनता पार्टी इन सीटों पर कोई रिस्क नहीं लेना चाहती कि चुनाव हारने के बाद विपक्ष को उसके ऊपर सवाल उठाने का मौका मिले । इसलिए वह कम से कम उन सभी सीटों को दोबारा जीतना चाहती जिन के ऊपर उनका पहले से कब्जा था।

इसे भी पढ़ें :

उत्तर प्रदेश की इन 11 सीटों पर दोबारा होगा चुनाव, जाने क्यों और कैसे..!

इसके अलावा योगी आदित्यनाथ और अमित शाह के बीच पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर को समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद प्रदेश में बदले हालात पर भी चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि नीरज शेखर व्यक्तिगत कारणों से समाजवादी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और जल्दी ही वह भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने वाले हैं।

इन सीटों पर होगा उपचुनाव

कैंट (लखनऊ), जैदपुर (बाराबंकी), मानिकपुर (चित्रकूट), गंगोह (सहारनपुर), इगलास (अलीगढ़), रामपुर, टूंडला (फिरोजाबाद), गोविंदनगर (कानपुर), बलहा (बहराइच), प्रतापगढ़, जलालपुर (अंबेडकरनगर), हमीरपुर