नई दिल्ली : कर्नाटक में संकट में घिरी कांग्रेस-जेडीएस सरकार की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। मुंबई के होटल में ठहरे सभी 14 बागी विधायकों ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से खतरा बताया है। इस बाबत इन तमाम विधायकों ने पवई पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर को पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई है।

इन बागी विधायकों ने अपनी शिकायत में कहा है कि मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद या किसी भी कांग्रेस के प्रतिनिधि, चाहे वह महाराष्ट्र का हो या कर्नाटक का, हम उससे नहीं मिलना चाहते हैं। इन तमाम राजनेताओं से हमें खतरा है। इस पत्र पर सभी बागी विघायकों के नाम दर्ज हैं।

इस पूरे संकट से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने रविवार को इस बात का भरोसा जताया था कि हमारे सभी विधायक कांग्रेस पार्टी से चुने गए हैं और वह लंबे समय से वहां हैं, वे अपने डोमेन में टाइगर की तरह से लड़े हैं। शिवकुमार ने कहा कि विश्वास प्रस्ताव के समय, वे कानून से भी अच्छी तरह से वाकिफ होंगे।

कानून बहुत स्पष्ट है। अगर वे विश्वास प्रस्ताव के खिलाफ वोट करते हैं, तो वे अपनी सदस्यता खो देंगे। कांग्रेस पार्टी उनकी मांगों को मानने के लिए तैयार है। हमें संकेत मिल रहे हैं कि वे हमारी सरकार को बचा लेंगे।

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मुख्यमंत्री कुमारस्वामी विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव के लिए तैयार हो गए हैं। वहीं भाजपा भी फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वह सोमवार तक का इंतजार कर रहे हैं। दोनों तरफ से विधायकों को अपने खेमे में बनाए रखने के लिए जोड़तोड़ की कोशिशें जारी हैं।