तो क्या ज्योतिरादित्य सिंधिया को है कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाने की तैयारी..!

ज्योतिरादित्य  सिंधिया। - Sakshi Samachar

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने का मामला जैसे-जैसे लटकता वैसे वैसे इस बात की संभावना तेज होती जा रही है कि कांग्रेस पार्टी अपनी बागडोर किसी ऐसे नेता के हाथों में सौंपना चाहती है जो तेज तर्रार होने के साथ-साथ नेहरू गांधी परिवार का विश्वसनीय व्यक्ति हो ऐसे में एक बार फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर लोगों की नजर है और माना जा रहा है कि उनको यह जिम्मेदारी देने के लिए तैयार किया जा सकता है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रियंका गांधी के साथ उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई थी जहां से उन्होंने अभी कुछ दिन पहले ही त्यागपत्र दे दिया है और माना जा रहा है कि उन्हें उससे बड़ी भूमिका के लिए तैयार रहने के संकेत दे दिए गए हैं और इसीलिए वह अपना पद छोड़ कर आगे की तैयारी कर रहे हैं।

पार्टी के कुछ सूत्रों का यह भी मानना है कि अगर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी नहीं दी जाती है तो मध्य प्रदेश कांग्रेस का नेतृत्व उन्हीं के हाथ में दिया जाएगा इसको लेकर पार्टी के कार्यालय में पोस्टर बाजी रिलीज हो चुकी है।

राजनीतिक गलियारों में अक्सर चर्चा रहती है कि कमलनाथ और सिंधिया एक दूसरे के विरोधी खेमे का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी आपस में नहीं बनती। लेकिन जैसे ही सिंधिया भोपाल आए तो उन्होंने कमलनाथ के साथ न सिर्फ बंद कमरे में मुलाकात की बल्कि उनके साथ लंच भी किया माना जा रहा है कि इंडिया रिश्तो में जमी बर्फ को पिलाते हुए अपने रिश्ते और ज्यादा सामान्य करना चाहते हैं।

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हालांकि स्पिनर में प्रदेश के दो दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और अजय सिंह शामिल नहीं थे लेकिन अब इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि राहुल और प्रियंका के विश्वस्त लोगों में शामिल ज्योतिरादित्य सिंधिया को अगर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं मिलती तो इन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर भी स्वीकार किया जा सकता है।

ज्योतिरादित्य सिंधिया हिंदीभाषी बेल्ट में एक उभरते हुए युवा नेता के साथ-साथ एक कुशल वक्ता और जुझारू नेता की छवि रखते हैं फिलहाल कांग्रेस पार्टी एक ऐसे ही नेता की तलाश में है जो हिंदी वर्ग में सक्रिय होने के साथ-साथ एक राष्ट्रीय छवि का हो और उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत की राजनीति में खास पहचान बना सके और कांग्रेस पार्टी की नैया को पार लगा सके

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