रांची: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को लेकर लोगों के मन में तरह-तरह की जिज्ञासा है। भले ही लालू प्रसाद यादव को देवघर कोषागार मामले में जमानत मिल गई हो, लेकिन उन्हें जेल से बाहर आने में अभी भी लगभग डेढ़ साल से अधिक का समय लगेगा। उन्हें अभी भी दुमका कोषागार मामले में जमानत हासिल करनी होगी । इसके लिए कम से कम डेढ़ साल लगने की उम्मीद है।

आपको बता दें कि लालू प्रसाद की जमानत का इंतजार करने वाले लोगों की इस बात को भी ध्यान रखना होगा कि जो भी अन्य केस लालू प्रसाद यादव पर चल रहे हैं, अगर उनमें लालू प्रसाद के खिलाफ सजा का ऐलान ना हो तो फिर ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि चाईबासा के एक अन्य मामले में उन्हें 13 महीने बाद जमानत मिल सकती है।

आपको बता दें कि लालू यादव के खिलाफ चारा घोटाले की कुल 6 मामले चल रहे हैं । इनमें से चार में सजा हो चुकी है, जबकि 2 मामलों में अभी भी सुनवाई जारी है।

जानकारों का कहना है कि दुमका कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव की सीबीआई की विशेष अदालत साथ साथ साल की दो सजा यानी 14 साल की कुल सजा सुनाई थी, लेकिन झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की सजा को 7 साल तक सीमित कर दिया। इस मामले में लालू यादव जेल में 24 महीने की सजा काट चुके हैं । अगर वे 18 महीने जेल में और बिता लेते हैं तो उनको आधी सजा भुगतने के आधार पर जमानत मिल सकती है। इसलिए लालू प्रसाद यादव को जमानत के लिए अभी भी कम से कम डेढ़ साल का इंतजार करना होगा।

लालू 23 दिसम्बर 2017 को गए थे जेल

देवघर कोषागार मामले में रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू यादव को साढ़े तीन साल यानी 42 महीने की सजा सुनायी है। इस मामल में वे 26 महीने की जेल काट चुके हैं। इस केस में अदालत ने उन्हें 23 दिसम्बर 2017 को दोषी करार दिया था। उसी दिन उनको रांची के बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया था। फिर कोर्ट ने 6 जनवरी 2018 को इस मामले में सजा एलान किया। करीब तीन महीने में जेल में रहने के बाद उनकी तबीयक खराब हो गयी जिसके बाद 17 मार्च 2018 को उन्हें इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था।

11 मई 2018 को लालू यादव को बेहतर इलाज के लिए हाईकोर्ट से प्रोविजनल बेल मिली थी। बाद में इसकी अवधि 27 अगस्त तक बढ़ायी गयी थी। कोर्ट के आदेश पर लालू यादव ने 30 अगस्त 2018 को सरेंडर कर दिया था। जेल से उन्हें फिर इलाज के लिए रिम्स लाया गया। रिम्स के पेइंग वार्ड को ही कैंप जेल की मान्यता दी गयी है।