कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक में कुमार स्वामी की सरकार पर आए संकट को टालने के लिए अपने दिग्गज नेताओं को बेंगलुरु भेजने का फैसला किया है। पार्टी से मिल रही जानकारी के मुताबिक अब कर्नाटक के मामले को सुलझाने के लिए पार्टी ने वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद और बीके हरिप्रसाद को बेंगलुरु भेजने का फैसला किया है।

मामले की जानकारी देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गुलाम नबी आजाद को बीके हरिप्रसाद के साथ बेंगलुरु बुलाया गया है और उन्हें कर्नाटक में कुमार स्वामी सरकार पर आए संकट को निपटाने के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी के विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आपको बता दें कि तेराह विधायकों के इस्तीफे के बाद कुमार स्वामी की सरकार अल्पमत में आ गई है और इससे सरकार पर खतरा मंडराने लगा है। सरकार बचाने की कोशिश में जेडीएस और कांग्रेस के सभी मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया है।

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हालांकि यह पूरा मामला अब स्पीकर के हाथ में चला गया है, जिनको विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लेना है। विधानसभा अध्यक्ष रमेश नगर विधायकों के इस्तीफे को स्वीकार कर लेते हैं तो सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार अल्पमत में आ सकती है। इसके साथ ही साथ भारतीय जनता पार्टी भी अपनी पूरी नजर बनाए हुए हैं और कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए कोशिश कर रही है।

भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का दावा है कि कुमार स्वामी की सरकार 13 विधायकों के इस्तीफे के बाद अल्पमत में आ चुकी है। भाजपा का कहना है कि गठबंधन सरकार के पास केवल दो-तीन विधायक रह गए हैं, जबकि भाजपा के पास विधायकों की कुल संख्या 107 है। ऐसे में भाजपा को सरकार बनाने का मौका मिल सकता है।