बेंगलुरु : कर्नाटक कांग्रेस के बागी विधायक मुंबई से गोवा रवाना हो गए हैं । निर्दलीय विधायक भी उनके साथ हैं। सभी विधायक बस द्वारा सड़क मार्ग से जा रहे हैं। इससे पहले कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार विधायकों को वापस लाने के लिए मुंबई रवाना हुए हैं।

जद (एस) के विधायकों को लेकर एक बस, ताज वेस्ट एंड होटल से निकली है। अब उन्हें देवनहल्ली में गोल्फशायर, नंदी हिल्स रोड पर ले जाया जा रहा है। कांग्रेस नेता बेंगलुरु में कुमार क्रुपा गेस्ट हाउस में एक बैठक के लिए पहुंचे।

कर्नाटक में एक बार फिर सियासी संकट उठ खड़ा हुआ है। कांग्रेस के 13 विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद संकट गहरा गया है। इसके अलावा एक अन्य निर्दलीय विधायक नागेश ने भी मंत्री पद से इस्तीफा देते हुए सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। हालांकि सरकार बचाने के लिए जी-तोड़ कोशिश कर रही कांग्रेस के सभी 22 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है।

कर्नाटक के मंत्री एवं निर्दलीय विधायक एच. नागेश ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया और एच डी कुमारस्वामी नीत गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेकर राज्य में सत्तारूढ़ जद(एस)-कांग्रेस की सरकार को एक और झटका दिया है।

हाल ही में लघु उद्योग मंत्री के तौर पर मंत्रालय में शामिल किए गए नागेश ने यहां राजभवन में राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की और त्यागपत्र सौंपा। यह कदम उन खबरों के बीच उठाया गया है जिनके मुताबिक गठबंधन सरकार के मंत्रियों से इस्तीफा देने वाले असंतुष्ट विधायकों की खातिर अपना पद छोड़ने को कहा गया है।

जानें क्या है आंकड़ों का गणित

इस्तीफे स्वीकार होने की सूरत में सत्तारूढ़ गठबंधन अपना बहुमत खोने की कगार पर पहुंच जाएगा। नागेश के अपना समर्थन वापस ले लेने के बाद विधानसभा में अध्यक्ष के अलावा जद(एस)-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के कुल 117 सदस्य (कांग्रेस-78, जद (एस)-37, बसपा-1 और निर्दलीय- 1) हैं।

सदन में भाजपा के 105 सदस्य हैं जहां बहुमत के लिए 113 का आंकड़ा होना चाहिए। अगर विधायकों के इस्तीफे स्वीकार होते हैं तो गठबंधन के सदस्यों की संख्या घट कर 104 पर पहुंच जाएगी।

कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने सोमवार को कहा, 'इसके पीछे भाजपा के राष्ट्रीय नेता हैं। भाजपा के लोग यह सरकार नहीं चाहते, न ही वो चाहते कि कोई भी विपक्षी पार्टी राज्य या देश में शासन करे। वे लोग लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं।' साथ ही उन्होंने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस के मंत्री इस्तीफा दे देंगे।

कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद का कहना है, 'ये सब कुछ भाजपा, नरेंद्र मोदी और अमित शाह का किया हुआ है। सरकार गिराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने तीसरी बार हमारे विधायकों को लगभग अपहरण करके मुंबई लेकर गए लेकिन सरकार गिरेगी नहीं। वह फिर से वापस आ जाएंगे। कुमारस्वामी के संपर्क में भी भाजपा विधायक हैं। यह संकट कांग्रेस का अंदरूनी नहीं है।'

बीजेपी ने कहा, हमसे कोई लेना-देना नहीं

गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा है कि कर्नाटक में जारी राजनीतिक संकट से भारतीय जनता पार्टी का कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि कांग्रेस और जद एस विधायकों का अपने नेतृत्व में भरोसा नहीं रहा और यही कारण है कि वह बागी हो रहे हैं।

रेड्डी ने कहा, ‘ऐसे आरोप भाजपा पर अतीत में भी लगते रहे हैं लेकिन कर्नाटक में विधायकों के इस्तीफे से हमारा कोई लेना देना नहीं है।’ उन्होंने दावा किया कि सच्चाई यह है कि वे (विधायक) लंबे समय से छोड़ना चाह रहे थे। रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस और जद एस दोनों इस स्थिति में नहीं हैं कि वह अपने विधायकों को रोक सकें।