बेंगलुरू : बेंगलुरु में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और कांग्रेस नेताओं के बीच की बैठक खत्म हो गई है। हालांकि सियासी संकट अभी भी बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से खबर है कि जेडीएस को लगता है कि यह संभव नहीं है कि उनके 3 विधायक जो मुंबई में हैं, वापस आएंगे।

मीटिंग में नहीं पहुंचे ये दो विधायक

बेंगलुरु के ताज वेस्ट एंड होटल में हुई बैठक में रामास्वामी और रविंद्र श्रीकांथैया नहीं पहुंचे। हालांकि इन दोनों विधायकों ने मीटिंग में न पहुंचने का कारण भी बताया है। रामास्वामी ने पार्टी अध्यक्ष को फोन कर कहा है कि वे निजी कारणों से नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं रविंद्र जेडीएस नेताओं के लिए उपलब्ध नहीं थे।

सरकार पर संकट के बीच मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी बेंगलुरु पहुंचे उन्होंने एकहोटल में विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री के पिता एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस के सिद्धरमैय्या, दिल्ली से आए कर्नाटक के प्रभारी के सी वेणुगोपाल और जेडीएस के नेता और सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार भी शामिल रहे।

कर्नाटक कांग्रेस ने पार्टी के नौ बागी विधायकों के शनिवार के इस्तीफे के बाद इस संकट से निपटने के लिए नौ जुलाई को अपने सभी 78 विधायकों की बैठक बुलाई है।

इससे पहले कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह (विजयनगर) ने एक जुलाई को इस्तीफा दे दिया था, जिसे मिलाकर बागी विधायकों की संख्या 10 हो गई है।

कांग्रेस प्रवक्ता रवि गौड़ा ने आईएएनएस से कहा, "कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता सिद्धारमैया ने सभी विधायकों को निर्देश दिया है कि वे मंगलवार (नौ जुलाई) को सुबह 9.30 बजे विधानसभा भवन के कॉन्फ्रेंस हॉल में सभी मुद्दों पर चर्चा करें, जिसमें शनिवार को इस्तीफा देने वालों की चिंताएं भी शामिल हैं।"

सीएलपी बैठक आयोजित करने का निर्णय पार्टी की राज्य इकाई के नेताओं की बैठक में लिया गया, जिसमें सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री जी. परमेस्वरा, पार्टी की राज्य इकाई के कार्यकारी अध्यक्ष ईशर कंद्रे और पार्टी के कर्नाटक प्रभारी के.सी. वेणुगोपाल शामिल रहे।

गौड़ा ने कहा, "पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे वरिष्ठ पार्टी नेता भी बैठक में भाग लेंगे।"

विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार मंगलवार को ही विधायकों के त्याग-पत्रों पर गौर करेंगे। विधायकों ने कुमार की अनुपस्थिति में अपने इस्तीफे उनके निजी सचिव को सौंप दिए थे।

इनमें नौ कांग्रेस और तीन जनता दल (सेक्युलर) के विधायकों के इस्तीफे हैं। पार्टी के एक सूत्र ने बताया, "चूंकि विद्रोही विधायक शनिवार को व्यक्तिगत रूप से इस्तीफा देने के लिए कुमार से मुलाकात नहीं कर पाए थे, इसलिए उन्होंने अपने त्याग-पत्रों में उल्लिखित कारणों को स्वीकार करने पर जोर देने के लिए उनसे मंगलवार को मिलने का समय मांगा है।"

इस मामले पर एचडी कुमारस्वामी सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री जीटी देवगौड़ा ने कहा, अगर मेरी पार्टी चाहेगी तो मैं इस्तीफा देने को तैयार हूं। मैं बीजेपी के साथ नहीं जा रहा। हमारी गठबंधन सरकार राज्य की भलाई के लिए है। जेडीएस हेडक्वॉटर्स में उन्होंने कहा, मैंने एच विश्वनाथ से बात की है. अगर दोनों पार्टियां तय करती हैं कि सिद्धारमैया सीएम बनें या कोई और तो मुझे कोई परेशानी नहीं है।

कांग्रेस द्वारा सभी विधायकों को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में शामिल होने के लिए सर्कुलर जारी किया गया है। सीएलपी नेता सिद्धारमैया द्वारा 9 जुलाई को आयोजित बैठक में कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख दिनेश गुंडू राव भी शामिल होंगे।

इस में यह भी उल्लेख किया गया है कि उन कांग्रेस विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में शामिल नहीं होते हैं।

कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच सीएम कुमारस्वामी आज अमेरिका से देश लौट रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह 2.30 बजे तक दिल्ली पहुंचेंगे। इसके बाद वह बेंगलुरू के लिए रवाना होंगे। और जेडीएस दफ्तर में शाम 7.30 बजे बैठक करेंगे।

कर्नाटक में एक बार फिर ‘रिजॉर्ट राजनीति' लौट आई है और इस्तीफा देने वाले 13 विधायकों में से 10 विधायक मुंबई पहुंच गये हैं और एक लग्जरी होटल में ठहरे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि भाजपा 'दलबदल' कर कर्नाटक में सरकार गिराने की कोशिश कर रही है।

उनका कहना है कि भाजपा क्षेत्रीय दलों को कमजोर कर रही है। यह ठीक नहीं है। कर्नाटक में चुनाव हुए अभी एक साल भी नहीं हुए हैं। मुझे डर है क्या देश में लोकतंत्र है?

उधर राज्य के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस के 'संकटमोचक' डीके शिवकुमार ने माना है कि वह भावनाओं में बहकर बागी विधायकों के इस्तीफों को फाड़ दिया था।

उन्होंने कहा, 'उनको मेरे खिलाफ शिकायत करने दीजिए, मैंने बहुत बड़ा रिस्क लिया है। मैंने ऐसा अपनी पार्टी को बचान के लिए किया है।' कुल मिलाकर कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस सरकार एक बड़े संकट में फंसी हुई है और दूसरी ओर सीएम कुमारस्वामी अमेरिका में हैं।

वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘अन्य प्रतिद्वंद्वी दलों में हुए घटनाक्रमों से मेरा और मेरी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।''

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मीडिया में आई खबरों में सुना है कि कांग्रेस और जद (एस) विधायकों ने अपनी-अपनी विधानसभा सीटों से इस्तीफा दे दिया है।'' भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी सदस्यता अभियान में व्यस्त है। उन्होंने कहा, ‘‘एक चीज मैं कह सकता हूं कि लोग चुनाव के लिए तैयार नहीं हैं। चुनाव सरकारी खजाने पर बोझ हैं।''

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भाजपा विधायक सीएन अश्वथ नारायण ने इन खबरों से इनकार किया कि वह इन विधायकों की यात्रा और उनके मुंबई में ठहरने के इंतजाम में मदद कर रहे हैं। उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘विधायक खुद गए हैं। भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है।''

जनवरी में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक से पहले कांग्रेस ने भाजपा के डर से अपने विधायकों को एक रिजॉर्ट भेज दिया था। गुजरात कांग्रेस के विधायक भी 2017 में राज्य में ठहरे थे क्योंकि कांग्रेस को डर था कि राज्यसभा चुनाव से पहले विधायक छिटक सकते हैं। इससे पहले मैसूरू जिला पंचायत चुनाव के दौरान भाजपा और जद (एस) के सदस्य राजनीतिक शिकार के डर से इसी रिजॉर्ट में रुके थे।