बेंगलुरू : कर्नाटक विधानसभा में इन दिनों अद्भभुत वाकया देखने को मिल रहा है। इन दिनों कर्नाटक में सुरक्षाकर्मियों द्वारा छोटे और पीले नींबू की तरह दिखने वाली हर चीज पर शक किया जा रहा है। तैनात सुरक्षा कर्मियों को कड़े निर्देश हैं कि किसी को विधानसभा के कैम्पस में नींबू नहीं लाने दिया जाए। लेकिन सुरक्षा कर्मियों के सामने समस्या यह है कि मेटल डिटेक्टर में नींबू डिटेक्ट नहीं हो सकता है। इसीलिए उनको नींबू खोजने के लिए दूसरे तरीके अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

नींबू ने कर्नाटक की विधानसभा में एक अलग सा डर पैदा कर दिया है। विधानसभा के अंदर में प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में नींबू का हालांकि नाम शामिल नहीं किया गया है, लेकिन इसे लेकर मौखिक तौर पर आदेश दिया गया है।

यह सूची आमतौर पर कार्मिक और प्रशासनिक सेवा विभाग द्वारा संकलित की जाती है और अक्सर संशोधित की जाती है। जब से नींबू पर अनाधिकारिक बैन लगा है, तब से सिक्योरिटी स्टाफ विधानसभा के अलग-अलग प्रवेशद्वारों से 20 से 25 नींबू रोजाना इकट्ठे कर रहे हैं। जिन्हें गीले कचरे में डाला जा रहा है।

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विधानसभा में कार्यरत एक अधिकारी ने बताया कि, इस महीने के अंत में विधानसभा सत्र शुरू हो जाएगा, आने वालों की संख्या भी ज्यादा होगी। इसलिए नींबू की संख्या भी बढ़ जाएगी।

पुलिसकर्मियों का कहना है कि, कोई आधिकारिक आदेश नहीं होने के कारण मौखिक रूप से नींबू को विधानसभा से दूर रखने के लिए निर्देशित दिए गए हैं। क्योंकि सरकार में कई लोग इसा कोई मौका नहीं चाहते है, क्योंकि सत्ताधारी गठबंधन सरकार में बहुत सी चीजें गलत हो रही हैं।

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एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि, हमें निर्देश दिया गया है कि नींबू को अंदर न जाने दें क्यों कि कुछ नेताओं और अधिकारियों इससे असहज महसूस कर रहे हैं।

हाल ही में कुछ अधिकारियों और मंत्रियों के ऑफिस के दरवाजे के पास और गलियारों में नींबू मिर्च और सिंदूर पाए गए थे। जिसे लेकर कई लोगों ने चिंता जाहिर की थी।

हालांकि नीबू पर कोई ऑफिसियल बैन नहीं लगाया है, लेकिन उसे किसी भी कीमत पर विधानसभा में ना आने देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं मुख्यमंत्री के बड़े भाई और पीडब्ल्यूडी मंत्री एचडी रेवन्ना को अपने साथ नींबू ले जाने की परमिशन है।