हैदराबाद : कांग्रेस पार्टी के मुखिया राहुल गांधी एक बार फिर अपनी कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार माने जा रहे हैं पर कांग्रेस पार्टी के कई नेता उन्हें ऐसा न करने की सलाह दे रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के दिग्गजों का मानना है कि अगर राहुल गांधी अध्यक्ष पद की कुर्सी छोड़ देते हैं तो पार्टी के अंदर एक गलत संदेश जाएगा। साथ ही साथ अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल होने वाले कई नेताओं के बीच मनमुटाव शुरू हो जाएगी, जिससे पार्टी के अंदर खींचतान बढ़ेगी जो भविष्य के लिए ठीक नहीं हैं।

कांग्रेस पार्टी के कई नेता चाहते हैं कि लोकसभा के चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हार की जिम्मेदारी सामूहिक है। इसलिए राहुल गांधी को केवल अपने ऊपर हार की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए और इस हार को जीत में बदलने के लिए कोई आगे की रणनीति सबको मिल बैठ कर लेनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि राहुल गांधी अपने अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे की पेशकश को वापस ले, लेकिन राहुल गांधी ने सांसदों की बैठक में स्पष्ट कर दिया कि वह अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे।

उन्होंने साफ-साफ कहा कि यह मंच इस बात पर चर्चा करने का नहीं है वह अपने फैसले पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

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आपको बता दें कि युवक कांग्रेस के नेता भी राहुल गांधी के निवास के आगे धरना प्रदर्शन करके उन्हें अपनी पेशकश वापस लेने पर जोर बनाने हैं और राहुल गांधी के बीच ऐसा कतई नहीं दिख रहा है वह अपनी जिद पर कायम है और पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने की तैयारी कर चुके हैं।

यह नेता है रेस में शामिल

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में कुछ नाम प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति के दो नेता सुशील कुमार शिंदे और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं। वहीं इनके साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम भी युवा अध्यक्ष के तौर लिया गया है।

इसके अलावा अध्यक्ष पद के लिए मुकुल वासनिक, मनीष तिवारी और शशि थरूर के नाम पर भी विचार किया जा सकता है।