नई दिल्ली। संसद सत्र के 10वें दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में जवाब दिया। इस दौरान मोदी ने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा। मोदी ने कहा कि दुख होता है जब कुछ नेता कहते हैं कि भाजपा और उसके सहयोगी जीत गए, लेकिन देश हार गया और लोकतंत्र हार गया। ये बयान दुर्भाग्यपूर्ण हैं। मतदाताओं के फैसले पर सवाल क्यों उठाए जाते हैं।

विजय और पराजय पचा नहीं पाती कांग्रेस

प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव के वातावरण को डिरेल करने का माहौल बनाया गया, फिर वीवीपैट पर भी सवाल उठाए गए लेकिन उसने ईवीएम की ताकत को और बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कुछ न कुछ दिक्कत है आप विजय भी नहीं पचा पाते है और 2014 से मैं देख रहा हूं कि आप पराजय को स्वीकार भी नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर दल का एक सम्मान है और उसके प्रति हमारा सम्मान होना चाहिए तभी लोकतंत्र चलता है। मध्य प्रदेश में जीत के कुछ दिन बाद ही ऐसी ऐसी खबरें आने लगीं।

चुनाव सुधार की चर्चा खुले मन से होनी चाहिए लेकिन एक देश एक चुनाव के खिलाफ बोलना ठीक नहीं, कम से कम चर्चा तो करो। क्या आज समय की मांग नहीं है कि देश में एक मतदाता सूची एक हो, जितने चुनाव उतनी मतदाता सूची हैं। पंचायत में एक भी मतदाता छूटता नहीं है क्योंकि वहां एक-एक वोट अहम है। पहले देश में एक देश एक चुनाव होता था ये बाद में गड़बड़ हुआ है। ओडिशा का उदाहरण सामने है।

चुनाव नतीजे पर कांग्रेस का बयान देश की जनता का अपमान : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक बार फिर कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि वह यह मिथक फैला रही है कि अगर वह चुनाव हारती है तो यह देश का नुकसान है।राज्यसभा में मोदी ने कहा कि कांग्रेस को उसका घमंड खा गया और लोकसभा में हार के बाद उसने आत्मनिरीक्षण करने के बजाय बाहर देखना बेहतर समझा।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस 17 राज्यों में एक भी सीट नहीं जीत सकी। और, उसने दावा किया कि देश यह चुनाव हार गया। ऐसे बयान आम चुनावों में वोट देने वाली जनता को दुख पहुंचाते हैं। यह देश की जनता का अपमान भी है।"

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उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों, युवाओं और वृद्धों ने तेज गर्मी में वोट दिया और 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद मतदाताओं का विश्वास नहीं डिगा। मोदी ने चुनाव कराने में शामिल होने वालों और सक्रियता से इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले लोगों की भूमिका की प्रशंसा की।

उन्होंने यह कहने के लिए विपक्ष पर करारा हमला किया कि वोट पाने के लिए किसानों को 2,000 रुपये की सरकारी योजनाओं की रिश्वत दी गई। उन्होंने कहा, "किसान इस देश का निर्माण खंड है। वे कहते हैं कि किसानों के वोट खरीदे गए। यह देश के 15 करोड़ किसान परिवारों का अपमान है।"