गांधीनगर : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को गुजरात से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। पांच जुलाई को राज्यसभा चुनाव होने हैं। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में दिल्ली में भाजपा की सदस्यता लेने के कुछ घंटों बाद जयशंकर सोमवार शाम अहमदाबाद पहुंच थे।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्हें केन्द्रीय कैबिनेट में शामिल किया गया है। गुजरात भाजपा के ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष जुगलजी ठाकोर ने गुजरात की दूसरी राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल किया।

भाजपा नेता अमित शाह और स्मृति ईरान के पिछले महीने लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद यह दोनों सीटें खाली हुईं थी। नियमानुसार कोई मंत्री जो दोनों सदन का सदस्य नहीं है, उसका शपथग्रहण करने के छह महीने के भीतर किसी ना किसी सदन के लिये चुना जाना जरूरी होता है।

इस मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के साथ चर्चा के दौरान व्यापार के मुद्दों पर साझे हित के बिंदुओं की तलाश करने की कोशिश करेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ बुधवार को आतंकवाद, अफगानिस्तान, हिंद प्रशांत, ईरान, व्यापार मुद्दे और बढ़ते द्विपक्षीय रक्षा संबंधों पर चर्चा होगी।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुजरात से राज्यसभा के लिए पर्चा दाखिल करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम सकारात्मक रुख के साथ मिलने जा रहे हैं।'' जयशंकर ने कहा, ‘‘माइक पोम्पिओ के साथ बैठक महत्वपूर्ण होगी। हम निश्चित तौर पर दोनों देशों के बीच व्यापार से संबंधित मसलों पर चर्चा करेंगे।''

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उन्होंने कहा, ‘‘दोनों देशों के अपने हित हैं, और इस वजह से कुछ टकराव सामान्य है। हम कूटनीति का इस्तेमाल कर साझे हित के बिंदुओं की तलाश करने की कोशिश करेंगे।''

चीन के साथ भारत की नीतियों के बारे में जयशंकर ने कहा, ‘‘परिस्थितियों में बदलाव के साथ नीतियों में परिवर्तन आम बात है। चीनी राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री मोदी की पिछले साल की मुलाकात के बाद से हमारे संबंध स्थिर हैं।''