चंडीगढ़ : पंजाब कांग्रेस में जारी अंतर्कलह फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का विवाद अब दिल्ली तक जा पहुंचा है। हालांकि सिद्धू ने विवाद सुलझाने के लिए कांग्रेस आलाकमान के सामने तीन शर्त रखी है।

नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ अपने विवाद के बीच दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने अमरिंदर सिंह के साथ अपना विवाद खत्म करने के लिए तीन शर्त रखी है। सिद्धू का कहना है कि वह इस वक्त खुद को पार्टी के अंदर उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

सिद्धू की तीन शर्तें

कांग्रेस आलाकमान के लिए सिरदर्द बन चुके इस विवाद को खत्म करने के लिए सिद्धू ने अपनी तीन शर्त रखी है। सिद्धू की पहली मांग है कि उन्हें बिजली मंत्री के साथ-साथ पंजाब का उपमुख्यमंत्री बनाया जाए। सिद्धू की दूसरी शर्त ये है कि उन्हें पंजाब सरकार में नया मंत्रालय देने के साथ-साथ पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाए। तीसरी और अंतिम शर्त है कि यदि उनकी यह दोनों शर्ते नहीं मानी जाती है तो उन्हें दोबारा उनका स्थानीय निकाय मंत्रालय वापस दिया जाए।

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राहुल गांधी ने नहीं मानी सिद्धू की शर्त !

सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि फिलहाल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीनों ही शर्तों को नजरअंदाज कर दिया है। राहुल गांधी जानते हैं कि पंजाब में सीएम अमरिंदर सिंह की शख्सियत का फायदा पार्टी को मिलता है। ऐसे में उन्हें कमजोर करना पार्टी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।