नई दिल्ली : संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी संख्या के बारे में परेशान होने की जरुरत नहीं है, हमारे लिए उनकी भावना मूल्यवान है। संसद में हम पक्ष-विपक्ष को छोड़कर निष्पक्ष की तरह काम करें। पीएम ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस बार सदन में अधिक काम होगा।

उन्होनें कहा कि मुझे उम्मीद है कि वे (विपक्ष) सक्रियता से बोलेंगे और सदन की कार्यवाही में भाग लेंगे संसद में हमें ‘पक्ष', ‘विपक्ष' भूल जाना चाहिए और ‘निष्पक्ष भाव' से मुद्दों के बारे में सोचना चाहिए, देश के व्यापक हित में काम करना चाहिए। संसदीय लोकतंत्र में सक्रिय विपक्ष और उसकी भूमिका महत्वपूर्ण है। यह सत्र 17 जून से 26 जुलाई तक चलेगा। जिसमें बजट भी पेश किया जाना है।

पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के बाद नई लोकसभा के गठन के बाद आज प्रथम सत्र प्रारंभ हो रहा है। अनेक नए साथियों के परिचय का अवसर है, नए साथियों के साथ नया उमंग, उत्साह और सपने भी जुड़ते हैं। आजादी के बाद सबसे बड़ा मतदान हुआ, महिलाओं ने बढ़ चढ़कर वोट किया।कई दशक के बाद एक सरकार को दोबारा बहुमत मिला।

संबंधित खबरें -

संसद का पहला सत्र आज से, डॉ. वीरेंद्र कुमार  ने ली प्रोटेम स्पीकर की शपथ

प्रधानमंत्री बोले कि तर्क के साथ सरकार की आलोचना करना लोकतंत्र को बल देता है, इससे सदन में सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे।

सोमवार से मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट सत्र की शुरुआत हो रही है। इस बार भाजपा/एनडीए और भी अधिक संख्या के साथ निचले सदन में है।

ऐसे में उनके सामने कई अटके हुए विधेयकों को पास कराने की चुनौती भी है। यह शपथ प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार कराएंगे। इसके बाद लोकसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव भी होना है।