पटना। आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के परिवार के मुश्किलें थमने के नाम नहीं ले रही हैं। दरअसल लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की शादी के बाद से उनकी पत्नी ऐश्वर्या से रिश्ते को लेकर लगातार तल्खी चली आ रही है। अब खबर यह आ रही है कि तेजप्रताप की पत्नी अपने तलाक मामले को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ने वाली है। चर्चा यह भी है कि तेज प्रताप के ससुर चंद्रिका राय अपनी बेटी के अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई में उसके साथ खड़े होंगे।

ऐश्वर्या के तलाक मामले में उनका साथ पिता देंगे।
ऐश्वर्या के तलाक मामले में उनका साथ पिता देंगे।

लालू का साथ छोड़ेंगे चंद्रिका

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो चंद्रिका राय जल्द ही अपने समधी लालू यादव का साथ छोड़ने वाले है। खबरे ऐसी हैं कि चंद्रिका लालू परिवार से ही नाराज है। इस वजह राय ने आरजेडी छोडऩे का भी मन बना लिया है। आरजेडी छोड़ने के बाद वे बेटी के साथ खुलकर खड़े होंगे। हाई-प्रोफाइल तलाक के मुकदमे में ऐश्‍वर्या राय अपने पति तेज प्रताप यादव के खिलाफ मुंह खालेंगी। सूत्रों के मुताबिक वे आरजेडी छोड़कर किस दल में जाएंगे, यह अभी तय नहीं है। माना जा रहा है कि वे बिहार की दो बड़ी पार्टियों भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) या जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में से किसी का भी दामन थाम सकते हैं।

अब ऐश्‍वर्या के प्रति बदला लालू परिवार का व्‍यवहार

लालू और चंद्रिका के रिश्ते के बीच की जो वजह निकल कर सामने आ रही है वो यह है कि चंद्रिका पिछले कई दिनों से अपनी बेटी को लेकर खासे परेशान हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान भी दो बड़े राजनीतिक परिवारों के बीच विवाद का असर न पड़े, इसलिए लालू परिवार ने भी ऐश्वर्या को काफी तवज्जो दी थी। ऐश्वर्या उन दिनों राबड़ी के साथ उनके सरकारी आवास पर रह रहीं थी। इसके पीछे एक मकसद ऐश्वर्या को मीडिया की सुर्खियों से दूर रखना भी था। लेकिन लोकसभा चुनाव में चंद्रिका राय न सिर्फ सारण संसदीय सीट से चुनाव हार गए, बल्कि पार्टी का बिहार में सुपड़ा ही साफ हो गया। इसके बाद हार से हताश लालू परिवार के ऐश्वर्या के प्रति व्यवहार में भी बदलाव दिखाई पड़ रहा है।

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लोकसभा चुनाव में ससुर के खिलाफ रहे लालू के लाल

बीते लोकसभा चुनाव के दौरान तेज प्रताप यादव ने सारण संसदीय सीट से चंद्रिका राय की दावेदारी का विरोध भी किया। इससे दोनों परिवारों में कटुता बढ़ गई थी। हालांकि, लालू यादव के समझाने-बुझाने और जमानत पर छूट कर आने के बाद सबकुछ ठीक करा देने के आश्वासन के बाद चंद्रिका राय कुछ दिनों के लिए शांत हो गए थे।