पटना: बिहार में सत्तारूढ़ जदयू ने अपनी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संगठन इंडियन पॉलीटिकल एक्शन कमेटी (आईपैक) के पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के लिए काम करने की चर्चा के बीच स्पष्ट किया कि किशोर के संगठन से उसका कोई लेना-देना नहीं है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के यहां स्थित आवास पर आयोजित जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद यहां संवाददाताओं से बात करते हुए पार्टी प्रवक्ता के. सी. त्यागी ने कहा कि किशोर के संगठन से उनकी पार्टी का कोई भी लेना देना नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या किशोर ने अपने संगठन द्वारा तृणमूल कांग्रेस की मदद करने से जुड़े मुद्दे के बारे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के समक्ष स्थिति स्पष्ट कर दी है, त्यागी ने कहा, "किशोर ने नीतीश कुमार जी के साथ इस मुद्दे पर बात की थी और मामला अब समाप्त हो गया है।"

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बता दें कि इससे पहले खुद नीतीश कुमार ने सार्वजनिक मंच से कहा था कि टीएमसी के लिए चुनावी रणनीति तैयार करने के पीके के इरादों के बारे में उन्हें खुद सफाई देनी चाहिए। मुख्यमंत्री के बयान के बाद साफ लगा था कि नीतीश कुमार भी प्रशांत किशोर के फैसले से कुछ नाराज है।

ताजा सियासी घटनाक्रम के मुताबिक अब ये मामला सुलझ गया है। ऐसा लगता है कि जदयू ने इस बात से समझौता कर लिया है कि प्रशांत किशोर जदयू में रहते हुए टीएमसी के लिए काम करें। हालांकि दोनों ही पार्टियों के बीच गंभीर राजनीतिक मतभेद हैं।

वहीं इस पूरे सियासी बवाल के दौरान प्रशांत किशोर ने खुद चुप्पी साध रखी है। उन्होंने इस बारे में मीडिया के बार बार कुरेदने के बावजूद मुंह नहीं खोला है।