नई दिल्ली : जनता दल (यूनाईटेड) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक नौ जून को पटना में होगी, जिसमें माना जा रहा है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर कोई बड़ा फैसला लेने के मूड में दिख रहे हैं। कहा जा रहा है कि आगामी विधानसभा को लेकर कुछ विशेष योजना बना रहे हैं और उसको अमलीजामा पहनाने के लिए कोई चौंकाने वाला फैसला ले सकते हैं।

केंद्र की भाजपा नीत राजग सरकार में जद यू द्वारा एक मंत्री पद के ‘‘सांकेतिक प्रतिनिधित्व'' की पेशकश ठुकराने के बाद यह बैठक होने वाली है। जिसे काफी अहम माना जा रहा है।

जदयू के प्रवक्ता के सी त्यागी ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक इसलिए हो रही है कि चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक सांगठनिक चुनावों एवं अन्य प्रक्रियाओं को अक्टूबर तक पूरा करना है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे ज्यादा राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।''

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हालांकि जद (यू) के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सहयोगी दल के साथ किसी भी तरह के मतभेद से इंकार किया है लेकिन हाल में अपनी सरकार में अपनी ही पार्टी के आठ विधायकों को शामिल करने और भाजपा के किसी भी विधायक को शामिल नहीं करने के उनके निर्णय से कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों दलों के बीच खटास आ गई है।

मामले परकिसी तरह की अटकल पर विराम लगाते हुए त्यागी ने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा है और रहेगी।