हैदराबाद : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पी मुरलीधर राव ने कहा कि उनकी पार्टी कर्नाटक में कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन सरकार को अस्थिर करने की कोशिश नहीं करेगी, लेकिन संकेत दिया कि गठबंधन सरकार साल के अंत से पहले गिर सकती है।

भाजपा के कर्नाटक मामलों के प्रभारी महासचिव राव ने कहा कि भाजपा पिछले एक साल से लगातार कहती आ रही है कि गठबंधन सरकार स्थिर नहीं है, यह नहीं टिक पाएगी और बनी नहीं रहेगी ।

यह पूछे जाने पर क्या सरकार 2019 तक चलेगी, राव ने पीटीआई-भाषा को बताया, 2019 अपने आपमें थोड़ा लंबा हो सकता है, मुझे नहीं पता क्योंकि असल में चीजें स्थिर नहीं हैं।''

भाजपा नेता ने कहा, समस्या लगातार बढ़ रही है।'' उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की जबरदस्त जीत के बाद गठबंधन की चिंता बढ़ गयी है ।

कर्नाटक में लोकसभा की 28 सीटें हैं जिसमें भाजपा ने 25 सीटों पर जीत हासिल की है जबकि कांग्रेस और भाजपा के हिस्से में एक एक सीट आयी है ।

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भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुमालता ने भी जीत हासिल की है। भाजपा ने प्रदेश में पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में 104 सीटें जीती थीं और हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों के साथ हुए उपचुनावों में उन्होंने एक और सीट जीत ली।

विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 117 सदस्य हैं - जिनमें कांग्रेस के 78, जद (एस) के 37, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के एक और एक निर्दलीय शामिल है।

राव ने कहा, सरकार अब अवैध हो गयी है और लोगों ने इसे खारिज कर दिया है । तकनीकी रूप से, एक गठबंधन के रूप में वे (कांग्रेस-जेडी-एस) कह सकते हैं कि उनके पास बहुमत है। लेकिन जनादेश अलग है, बहुमत अलग है, इसलिए आपके पास वैधता नहीं है।

उन्होंने कहा, हम (भाजपा) इसे (सरकार को) अस्थिर क्यों करें जब लोग (गठबंधन) को स्वीकार नहीं कर रहे हैं? उनके पास लोगों का समर्थन नहीं है, तो आप कांग्रेस और जद (एस) के लोगों (विधायकों) के बारे में नहीं सोचते हैं कि वह स्वयं बाहर निकलने के इच्छुक हैं ।''

राव ने कहा कि कर्नाटक में सरकार को बनाए रखना भाजपा की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सत्तारूढ़ गठबंधन का कोई विधायक आता है, तो क्या उन्हें उससे नहीं मिलना चाहिए । उन्होंने कहा कि वह सरकार को अस्थिर करने के लिए कोई खेल नहीं खेल रहे हैं।