नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा है कि लोगों ने लोकसभा चुनाव में अपने आर्थिक हितों के लिए वोट नहीं दिया। साथ ही, भाजपा ने पहले ही तय कर लिया था कि उसका ‘‘प्रोडक्ट'' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और उनका ‘‘ बहुत असाधारण व्यक्तित्व'' गढ़ कर उनकी काफी अच्छी तरह से मार्केटिंग की।

थरूर ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमला और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद उत्तर भारत में मतदाताओं की भावना पर राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रभाव को कांग्रेस ने शायद नजरअंदाज किया, जहां भाजपा को चुनाव को ‘खाकी' जनमत संग्रह में तब्दील करने की कोशिश में बड़ी सफलता मिली। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को महज 52 सीटों पर जीत मिल सकी।

राहुल गांधी के साथ शशि थरूर (फाइल फोटो)
राहुल गांधी के साथ शशि थरूर (फाइल फोटो)

थरूर का मानना है कि अगर कांग्रेस की ‘‘न्याय योजना'' (न्यूनतम आय सुरक्षा योजना) छह महीने पहले लायी गई होती तो यह काफी संख्या में मतदाताओं का विश्वास जीतने में सफल रहता। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि चुनाव नतीजों से यह साफ हो गया कि निश्चित तौर पर कुछ मूलभूत मुद्दे रहे हैं, जिन्हें हम नहीं समझ पाए। बेशक, यह हमें आत्मावलोकन और विस्तृत आकलन करने की ओर ले जाएगा कि असल में वे मुद्दे कौन से रहे, जिन्हें हम नहीं समझ सके।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह मान कर चल रही थी कि बेरोजगारी का 45 साल में अपने सर्वाधिक स्तर पर पहुंचना, कृषि के क्षेत्र में संकट और नोटबंदी जैसे अन्य कदमों के विनाशकारी प्रभाव लोकसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे। तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘आखिरकार, यह माना जाता है मतदाता अपने आर्थिक हितों के अनुसार वोट डालेंगे। लेकिन इस बार भारतीय मतदाता ने यह नहीं किया और हमें यह समझने की जरुरत है कि ऐसा क्यों नहीं हुआ।''

थरूर ने कहा कि शायद एक वजह यह भी हो सकती है कि भाजपा अहम संदेशों को बेहतर तरीके से पहुंचा रही है। उन्होंने कहा, ‘‘उसने (भाजपा ने) पहले ही तय कर लिया था कि उसका ‘प्रोडक्ट' मिस्टर मोदी हैं और उसने उनकी अच्छी तरह से मार्केटिंग की है।’’

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उन्होंने कहा कि भाजपा ने आधुनिक भारत के राजनीतिक इतिहास में मोदी को सर्वाधिक असाधारण व्यक्तित्व के रूप में गढ़ कर पेश किया। उनके लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाने में हजारों लोगों को लगाया गया, ‘‘मुख्यधारा'' की मीडिया को डराया-धमकाया गया , हर जगह कैमरामैन तैनात किए, चौबीसों घंटे उनका प्रचार चालू रखा गया और उनके हर कदम का प्रचार करने के लिए कर दाताओं के 5,600 करोड़ रुपये पानी की तरह बहाये गए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा को अपनी सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रचार करने और उन्हें बढ़ा चढ़ा कर दिखाने से अपार सफलता मिली। लोकसभा चुनाव में कई दिग्गज नेताओं को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा, लेकिन थरूर ने तिरुवनंतपुरम सीट से करीब एक लाख वोटों के अंतर से जीत की हैट्रिक लगाई।