नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शपथ-ग्रहण समारोह 30 मई को होने की उलटी गिनती शुरू होने के बाद प्रतिष्ठित मंत्रालयों के लिए कई नाम चर्चा में हैं। सूत्रों ने खुलासा किया है कि बंगाल की जीत में बड़ी भूमिका निभाने वाले मुकुल रॉय मंत्रिमंडल में शामिल होने के प्रबल दावेदार हैं। कभी तृणमूल के दिग्गज रहे रॉय ने भाजपा को हराने में बड़ी भूमिका निभाई है।

तृणमूल ने शुक्रवार को रॉय के बेटे और अपने विधायक सुभ्रांशु को पार्टी विरोधी बयानों के कारण छह वर्षो के लिए तृणमूल से निलंबित कर दिया था।

सुभ्रांशु समेत तृणमूल कांग्रेस के दो विधायक और एक माकपा के विधायक मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए।

तीनों विधायक बैरकपुर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जहां भाजपा के अर्जन सिंह ने तृणमूल के दिग्गज दिनेश त्रिवेदी को हराया है।

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मुकुल राय तृणमूल की तरफ से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। उसी तरह जद-यू को भी बिहार में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए रेलवे मंत्रालय का इनाम दिया जा सकता है। यह पद दो सांसदों-आरसीपी सिंह और राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) में से किसी एक को मिल सकता है।

अपने कोटे के 17 में से 16 सीट जीतने वाले जद-यू को राज्य के कोटे से एक और मंत्रालय मिल सकता है। राज्यसभा सदस्य और नीतीश के सहयोगी रामचंद्र प्रसाद सिंह को मोदी नीत सरकार में संभवत: रेल मंत्रालय मिल सकता है। वहीं नीतीश के एक अन्य सहयोगी और मुंगेर सीट से जीत दर्ज करने वाले राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जा सकते हैं।

वहीं राजग में शामिल तीसरी घटक दल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की तरफ से यह स्पष्ट है कि रामविलास पासवान फिर से मोदी मंत्रिमंडल 2.0 में वापसी करेंगे। जहां तक भाजपा के पारंपरिक सहयोगी शिवसेना की बात है, पार्टी ने भी अपने कोटे की 20 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की है। प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में अनंत गीते भारी उद्योग मंत्री थे। गीते हालांकि इस बार रायगढ़ से राकांपा के सुनील तटकरे से हार गए।

इसबार शिवसेना की तरफ से मंत्रिमंडल के लिए दो नाम-अनिल देसाई और संजय राउत के नाम सामने आ रहे हैं। दोनों राज्यसभा सदस्य हैं। अन्य दावेदार दक्षिण मुंबई के सांसद अरविंद सावंत, यवतमाल-वाशिम की सांसद भावना गवली, रत्नागिरि-सिंधुदुर्ग के सांसद विनायक राउत, बुलधाना के सांसद प्रताप जाधव और ठाणे के सांसद राजन विचारे हैं।

वहीं हरसिमरत कौर शिरोमणि अकाली दल की तरफ से एकबार फिर मंत्रिमंडल में शामिल हो सकती हैं। हरसिमरत इससे पहले खाद्य प्रसंस्करण मंत्री थीं।