नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव संपन्न होने के साथ ही कर्नाटक में सियासी पारा परवान पर है। प्रदेश में जनता दल (सेक्युलर)-कांग्रेस गठबंधन सरकार पर खतरा मंडराने लगा है। ताजा घटनाक्रम के मुताबिक कांग्रेस नेता रमेश जारकीहोली और डॉक्टर सुधाकर ने आज भारतीय जनता पार्टी के नेता एसएम कृष्णा के आवास पर बीजेपी नेता आर अशोक से मुलाकात की है। जिसके बाद से कयासों का बाजार गर्म है।

जब इस बारे में कांग्रेसी नेता रमेश जारकीहोली से पत्रकारों ने पूछताछ की तो उन्होंने इसे महज शिष्टाचार भेंट बताया। हातांकि सियासी हलकों में चर्चा गरम है कि कुछ कांग्रेसी बागी हो सकते हैं और सूबे में बीजेपी की सरकार कायम हो सकती है।

कांग्रेसी नेता ने दावा किया कि उन्होंने कर्नाटक में बीजेपी की भारी जीत पर उन्हें शुभकामना दी है। हालांकि इस अच्छी कामना के पीछे जोड़ तोड़ की राजनीति से इनकार नहीं किया जा सकता है।

वहीं बीजेपी नेता आर अशोक से जब मीडिया ने दरियाफ्त किया तो उन्होंने भी पल्ला झाड़ते हुए कांग्रेसी नेताओं से किसी तरह के संपर्क से इनकार किया। बीजेपी भीतरखाने मामला सेट करने की जुगत में है। बीजेपी नहीं चाहती कि बिना मामला सही किये मीडिया में बवाल हो जाय और कांग्रेसी या फिर जेडीएस नेतृत्व सतर्क हो जाय।

कयासों को इस बात से भी बल मिलता है कि जनता दल (सेक्युलर) पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एमएस नारायण राव ने पार्टी के सभी नेताओं, प्रवक्ताओं और विधायकों के लिए नया आदेश जारी किया है। जिसके तहत किसी भी नेता को मीडिया से बात करने से सख्त मनाही है। ऐसा करने वाले नेताओं पर कार्रवाई की धमकी दी गई है।

जेडी (एस) और कांग्रेस के नेता लगातार दावा कर रहे हैं कि लोकसभा में गठबंधन का अच्छा प्रदर्शन नहीं होने के बावजूद प्रदेश की कुमारस्वामी सरकार पूरी तरह सुरक्षित है।

बता दें बीजेपी ने राज्य की 28 लोकसभा सीटों में से 25 सीटें पर कामयाबी हासिल की है। इस अपार सफलता के बाद बीजेपी की नजर अब प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर है। जोड़ तोड़ की राजनीति के माहिर खिलाड़ी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भीतरखाने कोई नया दांव चल सकते हैं। जिसको लेकर जेडीएस और कांग्रेस के नेता पूरी तरह एहतियात बरत रहे हैं।