नई दिल्ली : 17वीं लोकसभा के विजयी उम्मीदवारों में महिलाओं की कुल संख्या 78 है। महिला सांसदों की अब तक की इस सर्वाधिक भागीदारी के साथ ही नयी लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या कुल सदस्य संख्या का 17 प्रतिशत हो जायेगी। महिला सांसदों की सबसे कम संख्या नौवीं लोकसभा में 28 थी। चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा की 542 सीटों के लिये शुक्रवार को घोषित पूर्ण परिणाम के आधार पर सर्वाधिक 40 महिला उम्मीदवार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीती हैं।

पश्चिम बंगाल बना नंबर 1

पश्चिम बंगाल से निर्वाचित हुए 42 सांसदों में से एक चौथाई से अधिक महिलाएं हैं। इनमें से नौ तृणमूल कांग्रेस और दो भाजपा की सांसद हैं। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव में 40 प्रतिशत से अधिक महिला उम्मीदवारों को खड़ा किया और उन्होंने चुनाव में अपने पुरुष साथियों से बेहतर प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार, टीएमसी की 15 महिला उम्मीदवारों में नौ विजयी हुई जबकि पांच को हार का सामना करना पड़ा। हारने वालों में बड़ा नाम आसनसोल से मुन मुन सेन हैं। टीएमसी के 22 उम्मीदवारों ने आम चुनावों में जीत दर्ज की। भाजपा की लॉकेट चटर्जी और देबोश्री चौधरी राज्य में विजयी हुईं। भगवा पार्टी ने पश्चिम बंगाल में पांच महिला उम्मीदवारों को खड़ा किया था। दोनों राज्य में भगवा लहर पर सवार होकर पहली बार चुनाव जीती। राज्य में भाजपा के 18 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की।

टीएमसी की जो महिला उम्मीदवार पहली बार सांसद बनीं हैं उनमें नुसरत जहां और मिमी चक्रवर्ती, माला रॉय और महुआ मोइत्रा हैं। दो बार की सांसद शताब्दी रॉय, काकोली घोष दस्तीदार और 2014 में जीतने वाली तीन अन्य अपरूपा पोद्दार, प्रतिमा मंडल और सजदा अहमद ने अपनी सीटों पर फिर से जीत का परचम लहराया।

भाजपा की सबसे अधिक महिला सांसद

कांग्रेस के टिकट पर सिर्फ पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने महिला उम्मीदवार के रूप में रायबरेली से जीत दर्ज की है। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शिकस्त देकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। मोदी सरकार की केन्द्रीय मंत्रियों में अपनी लोकसभा सदस्यता बरकरार रखने वालों में मेनका गांधी सुल्तानपुर से और अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से ‘अपना दल' उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीती हैं। साथ ही भाजपा उम्मीदवार हेमा मालिनी मथुरा से, प्रज्ञा ठाकुर भोपाल से, मीनाक्षी लेखी नई दिल्ली से, किरण खेर चंडीगढ़ से और रीता बहुगुणा जोशी इलाहाबाद से जीतने वाली प्रमुख भाजपा सांसद हैं।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव में कुल 8049 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 724 महिला उम्मीदवार थीं। मौजूदा लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 64 है। इनमें से 28 मौजूदा महिला सांसद चुनाव मैदान में थी।

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कांग्रेस ने दिए थे सबसे अधिक टिकट

कांग्रेस ने सर्वाधिक, 54 और भाजपा ने 53 महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था। अन्य राष्ट्रीय पार्टियों में, बसपा ने 24, तृणमूल कांग्रेस ने 23, माकपा ने 10, भाकपा ने चार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने एक महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारा था। वहीं निर्दलीय महिला उम्मीदवारों की संख्या 222 थी। चार ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने भी बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा।

इनको मिली हार

चुनाव हारने वाली महिला उम्मीदवारों में आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार मुनमुन सेन, सिलचर से सांसद कांग्रेस की सुष्मिता देव, सुपौल से सांसद कांग्रेस की रंजीत रंजन शामिल हैं। चुनाव हारने वाली अन्य महिला उम्मीदवारों में कन्नौज से सपा सांसद डिंपल यादव, रामपुर से भाजपा उम्मीदवार जयाप्रदा शामिल हैं।