पटना : लोकसभा चुनाव परिणाम को लेकर पूरे देश की तरह बिहार में भी पीएम नरेंद्र मोदी की धूम है। पूरा राज्य भगवा हो चुका है, जबकि महागठबंधन औंधे मुंह गिरा है। 40 लोकसभा सीट में से एनडीए गठबंधन को 38 सीट मिलती दिख रही है। बिहार में एनडीए को मिली इस सफलता के पीछे जितना श्रेय मोदी को दिया जा रहा है, उतना ही सीएम नीतीश कुमार विजयश्री का हकदार माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में भाजपा और जेडीयू का एक साथ आना बेहद कारगर साबित हुआ है। दूसरी तरफ यह भी माना जा रहा है कि समय रहते गठबंधन और सीट बंटवारे का मुद्दा निपटाकर दोनों ही पार्टी संयुक्त रूप से प्रचार में जुट गई। जिसका फायदा उन्हें मिला भी है।

इस मामले में महागठबंन काफी पीछे रह गया। फिर चाहे सीट बंटवारा हो या गठबंधन को लेकर सहमति बनाना हो, सभी जगह विपक्ष बंटा नजर आया, जिसका उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।

बता दें बिहार में लोकसभा चुनाव के वोटों की गिनती का काम जारी है। 40 सीटों वाले राज्य में शुरुआती रुझानों में एनडीए को 38 से ज्यादा सीटों पर बढ़त मिली हुई है। एक सीट पर राजद और एक सीट पर हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा को बढ़त मिली है।

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रविशंकर प्रसाद और राधा मोहन सिंह सहित चार केंद्रीय मंत्री बिहार में अपनी अपनी लोकसभा सीटों पर आगे चल रहे हैं, वहीं पाटलिपुत्र से एक अन्य केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव राजद की अपनी निकटतम प्रतिद्वन्द्वी मीसा भारती से 9,972 मत से पीछे चल रहे हैं। पटना साहिब सीट से केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और मौजूदा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा से 36,205 मत से आगे चल रहे हैं।

आरा सीट से केंद्रीय मंत्री आर के सिंह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाकपा (माले) के राजू यादव से 9,657 मत से आगे चल रहे हैं। वहीं बक्सर से अश्विनी कुमार चौबे राजद के जगदानंद सिंह से 2,832 मत से आगे चल रहे हैं। पूर्वी चंपारण सीट पर केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह रालोसपा के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आकाश कुमार सिंह से 10,975 मत से आगे चल रहे हैं।