नई दिल्ली। कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी पार्टियां बृहस्पतिवार को चुनाव परिणामों की स्पष्ट तस्वीर सामने आने के साथ ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को कांग्रेस सहित 22 विपक्षी पार्टियों के नेताओं की बैठक में यह निर्णय किया गया कि इन दलों के नेता लगातार एक दूसरे के संपर्क में रहेंगे और अगर राजग बहुमत के आंकड़े से दूर रहता है कि वे गैर भाजपा सरकार बनाने की दिशा में तत्काल कदम उठाएंगे।

विपक्षी नेताओं की इस योजना से अवगत एक वरिष्ठ नेता ने बताया, ‘‘विपक्षी पार्टी के नेता लगातार एक दूसरे के संपर्क में रहेंगे। अगर राजग बहुमत के आंकड़े से दूर रहता है तो तत्काल राष्ट्रपति के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा।''

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विपक्षी नेताओं की बैठक में कांग्रेस से अहमद पटेल, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद और अभिषेक मनु सिंघवी, माकपा से सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस से डेरेक ओब्रायन, तेदेपा से चंद्रबाबू नायडू, आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल, सपा से रामगोपाल यादव, बसपा से सतीश चंद्र मिश्रा एवं दानिश अली, द्रमुक से कनिमोई, राजद से मनोज झा, राकांपा से प्रफुल्ल पटेल एवं माजिद मेमन और कई अन्य पार्टियों के नेता शामिल हुए। विपक्ष की बैठक ऐसे समय में हुई जबकि ज्यादातर एक्जिट पोल में भाजपा नीत राजग को बहुमत का अनुमान लगाया गया है।