नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव भले ही समाप्त हो गए हैं लेकिन इन चुनावों को देश के इतिहास में अपने विरोधियों को सबसे ज्यादा गाली-गलौच देने और अपशब्द कहने के लिए याद किया जाएगा। एक-दूसरे पर निजी हमलों और जुमलेबाजियों का इस्तेमाल करने के अलावा नेताओं ने भारतीय मर्यादा की सारी हदें लांघ दी।

यह किसी एक पार्टी या एक नेता तक सीमित नहीं रहा बल्कि सभी बड़े नेता एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने में शामिल रहे। हालांकि निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए इन नेताओं पर कार्रवाई भी की। आइये जानते हैं ऐसे कौन-कौन नेता हैं, जिन पर निर्वाचन आयोग का डंडा चला।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सांप्रदायिक बयानबाजी के लिए 72 घंटे का प्रतिबंध लगाया था। इस लोकसभा चुनाव में आयोग की कार्रवाई का शिकार होने वाले योगी आदित्यनाथ पहले नेता थे।

मेरठ में एक जनसभा में ‘अली' और ‘बजरंग बली' से जुड़े विवादित बयान देने के कारण आचार संहिता का दोषी करार देते हुये भविष्य में ऐसे बयान नहीं देने की चेतावनी जारी करते हुए निर्वाचन आयोग ने उन पर 72 घंटे के चुनाव प्रचार का प्रतिबंध लगाया था।

बसपा सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो)
बसपा सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो)

बसपा सुप्रीमो मायावती

मायावती ने सहारनपुर की रैली में मुसलमानों से सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के पक्ष में एक समेकित तरीके से मतदान करने के लिए कहा था। निर्वाचन आयोग ने अपने आदेश में बसपा प्रमुख मायावती के चुनाव प्रचार करने पर 48 घंटे के लिए रोक लगा दी थी और उनके बयान की कड़ी निंदा की।"

आदेश में कहा गया था कि उन पर 48 घंटे के लिए चुनावों से संबंधित किसी भी सार्वजनिक सभा, जुलूस, रैलियां, रोड शो में भाग लेने पर, साक्षात्कार देने पर और मीडिया में सार्वजनिक अभिव्यक्ति करने पर रोक है।

सपा नेता आजम खान
सपा नेता आजम खान

सपा नेता आजम खान

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और कभी उनकी पार्टी में रही जया प्रदा के बीच वाकयुद्ध ने शब्दों की सारी गरिमा खत्म कर दी। जया प्रदा हाल ही में भाजपा में शामिल हुयी थीं और उन्होंने आजम खान के खिलाफ चुनाव लड़ा।

आजम खान ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैं उन्हें (जया प्रदा) रामपुर लाया। उनका असली चेहरा पहचानने में 17 साल लगे लेकिन मैं उन्हें 17 दिनों में पहचान गया कि वह खाकी अंडरवियर पहनती है।'' इस बयान के लिए खान पर निर्वाचन अयोग ने चुनाव प्रचार से 72 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया था।

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (फाइल फोटो)
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (फाइल फोटो)

भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर

मालेगांव विस्फोट मामले की आरोपी और भाजपा की भोपाल लोकसभा सीट से उम्मीदवार प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने मुंबई हमले के शहीद हेमंत करकरे पर टिप्पणी की और महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताते हुए विवाद का एक नया दौर शुरू कर दिया।

साध्वी प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि करकरे ने उन्हें विस्फोट मामले में गलत तरीके से फंसाया था। उन्होंने कहा, ‘‘वह कर्म के कारण मरा। मैंने उससे कहा था कि वह बर्बाद हो जाएगा। मैंने उससे कहा था कि उसका पूरा वंश खत्म हो जाएगा।'' अपनी खुद की पार्टी समेत विभिन्न पार्टियों से तीखी आलोचना के चलते उन्हें माफी मांगनी पड़ी।

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू

निर्वाचन आयोग ने पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को बिहार के कटिहार में एक चुनावी रैली के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए नोटिस जारी किया था। उन्होंने मुसलमानों से अपना वोट न बंटने देने का आग्रह किया था। आयोग ने नोटिस में कटिहार से कांग्रेस उम्मीदवार तारिक अनवर के समर्थन में 15 अप्रैल को सिद्धू द्वारा मतदाताओं से की गई अपील के दौरान धर्म का इस्तेमाल किए जाने का जिक्र किया था।

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आयोग ने कहा है कि बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एक वीडियो क्लिप भेजी, जिसमें सिद्धू अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं से कह रहे हैं कि वे वोटों का बंटवारा न होने दें। आयोग ने कटिहार जिले के बारसोई पुलिस थाने में सिद्धू के बयान के खिलाफ दाखिल एक प्राथमिकी का भी जिक्र किया है।