पटना : विभिन्न चैनलों के एग्जिट पोल को लेकर नेताओं के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है। एग्जिट पोल के अनुसार बिहार में एनडीए गठबंधन को बड़ी जीत मिल रही है। आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जहां एग्जिट पोल को नकार दिया है। वहीं जदयू ने पलटवार किया है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि एग्जिट पोल से पहले बाजार की अपनी मजबूरियां एग्जिट पोल के नाम से बेची जाती हैं। तेजस्वी ने एग्जिट पोल को नकारते हुए ट्वीट किया, "एग्जिट से पहले बाजार की अपनी मजबूरियां एक्जिट पोल के नाम से बेची जाती हैं। संघ समर्थित संस्थानों और संसाधनों की मदद से वंचितों के मनोविज्ञान से खेलना इनका पुराना हथियार है। इसे खारिज करें। हम जीत रहे हैं। स्ट्रांग रूम पर कड़ी निगरानी रखे। गंदे खेल के माहिर लोगों की चाल कामयाब ना हो।"

उल्लेखनीय है कि रविवार को अंतिम और सातवें चरण के मतदान में पटना में हुए मतदान में तेजस्वी ने अपना वोट भी नहीं दिया। हालांकि उनके परिवार के अन्य सदस्य वोट देने निकले। तेजस्वी के वोट नहीं देने के कारण अब विरोधी पार्टी के नेता उन पर तंज कस रहे हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार के मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि तेजस्वी तो लोकतंत्र और संविधान बचाने की बात करते हैं और अब लोकतंत्र में मिले मतदान के अधिकार को ही नहीं निभा पाए। उन्हें ना तो लोकतंत्र पर विश्वास है और ना ही संविधान पर।

यह भी पढ़ें :

कुल 12 एक्जिट पोल में 10 ने कहा मोदी बनेंगे प्रधानमंत्री, देखिए पूरे आंकड़े

ज्योतिषों की यह गणना है सही तो एक बार फिर गलत साबित होंगे Exit Polls !

जद (यू) के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार ने तेजस्वी को 'ट्विटर बबुआ' बताते हुए कहा, "तेजस्वी जी अपने पिता लालू प्रसाद जी को जेल से निकालने के लिए वोट मांगते घूम रहे थे, परन्तु खुद वोट नहीं दिए। क्या अब ये खुद नहीं चाहते कि लालूजी जेल से निकलें?"

उन्होंने कहा, "आखिर लालू प्रसाद के जेल से निकलने के बाद पार्टी वे चलाने लगेंगे, फिर तेजस्वी को पूछेगा कौन? अब तो बबुआ को हकीकत बताना चाहिए।"