भोपाल : लोकसभा चुनाव का एग्जिट पोल आते ही मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि कमलनाथ 22 दिन मुख्यमंत्री रहेंगे इस पर भी संदेह है। दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने विधानसभा का सत्र बुलाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार अल्पमत में है।

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि एग्जिट पोल के अनुसार, एक बार फिर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश में कांग्रेस को दो से तीन सीटें मिलने वाली हैं, यह इस बात का संकेत है कि वर्तमान सरकार ने जनता का भरोसा खो दिया है। इसलिए उनकी मांग है कि राज्य विधानसभा का सत्र बुलाया जाए। इसके लिए वे राज्यपाल को पत्र लिखने वाले हैं।

गोपाल भार्गव ने आगे कहा, "विधानसभा सत्र में सत्ताधारी दल की शक्ति का भी परीक्षण हो जाएगा। कांग्रेस के पास दूसरों के सहयोग से बहुमत है, भाजपा चाहती तो वह भी जोड़-तोड़ करके सरकार बना सकती थी, मगर भाजपा ने ऐसा नहीं किया।"

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भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद कमलनाथ 20 से 22 दिन मुख्यमंत्री रहेंगे या नहीं, इस पर ही प्रश्न चिह्न है। गौरतलब है कि सीएम कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 20 से 22 सीटें जीतने का दावा किया था।

ज्ञात हो कि, राज्य की विधानसभा में 230 विधायक हैं, जिसमें कांग्रेस के 114 और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 109 विधायक है। कांग्रेस सरकार बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से चल रही है। लोकसभा चुनाव को लेकर समाचार माध्यमों के सर्वे में राज्य की 29 सीटों में से कांग्रेस को अधिकतम पांच सीटें मिलने की बात कही गई है।