Exit Polls की हलचल के बीच मायावती से मिले अखिलेश यादव

मायावती के आवास से बाहर निकलते अखिलेश यादव - Sakshi Samachar

लखनऊ : लोकसभा चुनाव 2019 का एग्जिट पोल सामने आने के बाद विपक्षियों में खलबली सी मच गई है। बात उत्तर प्रदेश की करें तो यहां सपा-बसपा गठबंधन को तगड़ा झटका लगा है। यूपी में एक बार फिर मोदी लहर साफ नजर आ रही है। इस बीच सोमवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात की।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बसपा सुप्रीमो मायावती से लखनऊ स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। मुलाकात को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों ही नेताओं ने एग्जिट पोल और 23 तारीख को होने वाली मतगणना पर चर्चा की। फिलहाल अखिलेश मुलाकात के बाद वापस मायावती के आवास से बाहर जा चुके हैं।

क्या कह रहे एग्जिट पोल

विभिन्न चैनलों ने आने वाले चुनाव परिणामों पर अपना एग्जिट पोल जारी किया है। रुझानों में राजग को बढ़त मिलती दिख रही है। जबकि कांग्रेस सत्ता से बहुत दूर दिख रही है। एग्जिट पोल के नतीजों पर भाजपा ने खुशी जाहिर की, तो विपक्ष ने एग्जिट पोल पर सवाल खड़े किए और कहा उसे 23 मई की मतगणना का इंतजार है।


2014 में भाजपा गठबंधन को उत्तर प्रदेश से 73 सीटें मिली थीं। समाजवादी पार्टी (सपा) के खाते में पांच सीटें आई थीं। जबकि बसपा का खाता भी नहीं खुल पाया था। लेकिन 2018 में हुए उपचुनाव में फूलपुर, गोरखपुर, और कैराना में गठबंधन ने भाजपा को जबरदस्त झटका दिया था। जबकि गोरखपुर भाजपा का गढ़ था। इसके बाद 2019 के चुनाव में सपा और बसपा ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेंदनाथ पाण्डेय ने कहा, "हम सबको पहले ही विश्वास था कि देश की जनता मोदी जी और राजग को राष्ट्र को और आगे बढ़ाने के लिए भारी बहुमत देगी। ये सर्वे उसी को परिभाषित कर रहे हैं। लेकिन हमारा मनाना है कि उप्र में हमारा नारा 73 प्लस का सार्थक होगा।"

कांग्रेस के प्रवक्ता आशोक सिंह ने कहा, "मीडिया ने तो चुनाव के पहले ही भाजपा की सरकार बनवा दी थी। इसीलिए अभी रुझानों पर ज्यादा कुछ कहना ठीक नहीं है। 23 मई को आने वाले परिणामों में हम डबल डिजिट में प्रदेश में होंगे। देश में एक बार कांग्रेस की सरकार बनेगी। सर्वे इसी प्रकार राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आए थे। बाद में सब फुस्स कारतूस हो गए। इसीलिए इन पर ज्यादा भरोसा न करके 23 मई का इंतजार करना ठीक है।"

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा, "जो सच्चाई है वह 23 मई को जनता के सामने आएगी। अभी से इन रुझानों पर क्या कहना है। पूरे प्रदेश में जनता ने महागठबंधन के पक्ष में वोट दिया है। भाजपा की हालत पतली है। 23 मई के परिणाम चौंकाने वाले होंगे।"

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गौरतलब है कि टाइम्स नाउ-वीएमआर के मुताबिक, भाजपा को उप्र में 80 में से 58 सीटें मिल सकती हैं। सपा-बसपा गठबंधन को 20 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को महज दो सीटें मिलती दिख रही हैं। न्यूज 18 ने 60 से 62 सीटें राजग को तथा 16 से 17 सीटें सपा-बसपा गठबंधन को तथा एक से दो सीट कांगेस को दी है।

वहीं इंडिया टुडे एक्सिस ने राजग को 62 से 68 सीटें, सपा-बसपा गठबंधन को 10-16 सीटें और कांग्रेस को एक-दो सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। एबीपी न्यूज-नील्सन के अनुसार उप्र में भाजपा को भारी नुकसान हो रहा है। गठबंधन को 56 और कांग्रेस को दो सीटें मिल सकती हैं।

एबीपी के सर्वे के अनुसार, अवध क्षेत्र की 23 सीटों में भाजपा गठबंधन को सात सीटें, सपा-बसपा गठबंधन को 14 सीटें तथा कांग्रेस को दो सीटें मिल रही हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 27 सीटों में से भाजपा गठबंधन को छह, सपा-बसपा को 21 तथा कांग्रेस को दो सीटें मिल रही हैं।

बुंदेलखंड की चार सीटों में भाजपा गठबंधन को एक तथा सपा-बसपा गठबंधन को तीन सीटें मिल रही हैं। वहीं पूर्वाचल की 26 सीटों में भाजपा गठबंधन को आठ, सपा-बसपा व रालोद को 18 सीटें तथा कांग्रेस को शून्य सीटें मिल रही हैं।

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