नई दिल्ली: आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलगु देशम पार्टी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू की आज एनसीपी नेता शरद पवार से मुलाकात हुई। जिसमें पवार ने चंद्रबाबू को दो टूक में किसी भी गोलबंदी से पहले रिजल्ट आने का इंतजार करने की नसीहत दी। दरअसल चंद्रबाबू नायडू लोकसभा नतीजे आने से पहले ही दिल्ली में कांग्रेस सहित विभिन्न गैर एनडीए नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं।

चंद्रबाबू की कोशिशों को हालांकि दूसरी पार्टी के नेता गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। आंध्र प्रदेश के सर्वे में जिस तरह चंद्रबाबू की हार का खुलासा हुआ है। उससे साफ है कि चंद्रबाबू राज्य की सत्ता तो गंवाएंगे ही, साथ ही केंद्र में भी उनकी प्रभावी भूमिका नहीं रहेगी।

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गैर एनडीए दलों के नेताओं में आम राय यही है कि लोकसभा चुनाव के नतीजों का इंतजार किया जाय। इस बीच चंद्रबाबू आज ही शाम यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात करने वाले हैं।

सियासी जानकार इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि आखिर क्यों चंद्रबाबू नायडू इतनी हड़बड़ी में हैं? चार दिन बाद जब नतीजे आने वाले हैं, ऐसे में विपक्षी पार्टियों की बैठक का कोई मतलब ही नहीं बनता। नतीजों के बाद ही तय हो पाएगा कि क्या कांग्रेस पार्टी 'बारगेन' करने की स्थिति में है। या फिर कोई क्षेत्रीय दल गोलबंदी के लिए नेतृत्व करने में सक्षम है?

चंद्रबाबू नायडू और सीताराम येचुरी
चंद्रबाबू नायडू और सीताराम येचुरी

चंद्रबाबू नायडू की इच्छा थी कि 21 मई को गैर एनडीए दलों के नेता एक मंच पर आते हुए सत्तारूढ़ गठबंधन को चुनौती दें। हालांकि टीएमसी मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ना के बाद इस निर्धारित बैठक को टाल दिया गया।

दरअसल आखिरी चरण के प्रचार थमने के बाद ही बाबू सक्रिय हो गए हैं। उनके 'चुनाव बाद गठबंधन' की कोशिशों पर कई दिग्गज नेताओं ने पानी फेर दिया है। चंद्रबाबू नायडू अभी तक अभिषेक मनु सिंघवी, सीताराम येचुरी और राहुल गांधी, शरद पवार, अरविंद केजरीवाल, मायावती और अखिलेश यादव जैसे नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं।

दक्षिण भारत की प्रभावी क्षेत्रीय पार्टियों की बात करें तो इस बार YSRCP जैसे दलों की केंद्र में पूछ बढ़ेंगी। कई सर्वे बताते हैं कि आंध्र प्रदेश में YSRCP को २२ सीटें तक हासिल हो सकती है। जबकि तेलुगू देशम पार्टी को भारी नुकसान उठाते हुए 2-3 सीटों पर सिमटना पड़ सकता है। अगर ऐसा होता है तो चंद्रबाबू नायडू का राजनीतिक करियर पूरी तरह खतरे में पड़ जाएगा।