अरावकुरिची : कमल हासन के नेतृत्व वाली मक्कल निधि मैयम की एक जनसभा में दो अज्ञात लोगों ने मंच पर कथित तौर पर अंडे और पत्थर फेंके जिसके कारण तनाव व्याप्त हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। इस बीच, कोयंबटूर जिला पुलिस ने शुक्रवार को सुलूर उपचुनाव में प्रचार करने के लिए अभिनेता को अनुमति देने से इंकार कर दिया।

अरावकुरिची में घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। घटना उस समय घटी जब हासन अपना भाषण समाप्त करके मंच से नीचे उतर रहे थे। पुलिस ने बताया कि उन्हें सुरक्षित ले जाया गया।

इससे पहले चप्पल से हुआ हमला -

इससे पहले कमल हासन पर मदुरै में चप्पल फेंकी गई। बताया जाता है कि हिंदू आतंकवाद को लेकर हासन की टिप्पणी से खफा कुछ लोगों ने उनपर चप्पलों से हमला किया गया है। भीड़ की ओर से एक से अधिक लोगों ने हासन पर चप्पलों से निशाना साधा। हालांकि अभी तक पुलिस आरोपी की पहचान करने में विफल साबित हुई है।

कमल हासन का विवादित बयान

12 मई को हासन ने अरावकुरिचि में बयान दिया था, ‘‘आजाद भारत का पहला आतंकी हिंदू था। उसका नाम नाथूराम गोडसे था। यहीं से आतंक की शुरुआत हुई थी।’’ इसके बाद से भाजपा, अन्नाद्रमुक, संघ और हिंदू महासभा हासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें :

गोडसे को ‘पहला हिंदू आतंकी’ कहने पर मचा बवाल, कमल हासन की जीभ काटने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा

कमल हासन ने बयान पर दी सफाई

मक्कल निधि मैयम (एमएनएम) के संस्थापक कमल हासन ने मदुरई के पास तिरुपुरनकुंद्रम में जनसभा में बताया, ‘‘मैंने अरावकुरिचि में जो कहा था, उससे वे (भाजपा समेत अन्य दल) नाराज हो गए, लेकिन मैंने वहां एक ऐतिहासिक सच का जिक्र किया था। मेरा मकसद विवाद खड़ा करना नहीं था। उस बयान का किसी जाति और धर्म से लेना-देना नहीं है।’’

हासन ने यह भी कहा, ‘‘मैं कट्टरपंथी शब्द का मतलब समझता हूं, इसलिए मैंने इसका इस्तेमाल आतंकी या हत्यारे (गोडसे के खिलाफ) के लिए किया। हम सक्रिय राजनीति कर रहे हैं। हम हिंसा कभी नहीं करेंगे। वे कह रहे हैं कि मैंने हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई। मेरे परिवार में कई हिंदू हैं। मेरी बेटी की भी हिंदू धर्म में आस्था है। मेरी विचारधारा की रट मत लगाइए, आप हार जाएंगे। ईमानदारी मेरी विचारधारा पर खड़ी है, जो आपके पास नहीं है। आप दिल्ली या चेन्नई कहीं भी रहें, लंबे समय तक झूठ बोलकर लोगों को मूर्ख नहीं बना सकते।’’