पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने गुरुवार को एक बार फिर इस लोकसभा चुनाव में आरक्षण को मुद्दा बनाने की कोशिश की है।

राजद नेता ने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनी तो 31 मई के बाद साजिश के तहत पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में 10 प्रतिशत की कटौती होना तय है।

तेजस्वी ने गुरुवार को एक अंग्रेजी समाचार पत्र की कटिंग के साथ ट्वीट करते हुए कहा, "अगर भाजपा आई तो 31 मई के बाद साजिशन 10 प्रतिशत पिछड़ा आरक्षण समाप्त कर देगी, जिसमें सबसे पहले कुशवाहा, कोयरी, दांगी, कुर्मी, पटेल और अहीर का आरक्षण होगा। उसके बाद बारी-बारी अतिपिछड़ा और अनुसूचित वर्गों का आरक्षण खत्म करेंगे और रातों-रात ये स्वयं का बढ़ा लेंगे।"

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उल्लेखनीय है कि तेजस्वी ने जी रोहिणी समिति को लेकर अंगेजी के एक समाचार पत्र में छपी खबर के अनुसार इसका दावा किया है। इस समिति का गठन अन्य पिछड़ा वर्ग के उपवर्गीकरण की व्यवहार्यता का अध्ययन करना है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई मामलों में सार्वजनिक रूप से इस बात का खंडन करते हैं कि आरक्षण के साथ कोई छेड़छाड़ किया जाएगा। दोनों नेताओं ने कई चुनावी सभा में कह चुके हैं कि भविष्य में कोई भी दल या गठबंधन आरक्षण को खत्म करने की हिम्मत नहीं कर सकता।