गोंडा। लोकसभा चुनाव 2019 का तापमान बढ़ने के साथ-साथ विवादित बयानबाजी भी चरम पर पहुंच रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल ने विपक्ष की तुलना जानवरों के झुंड से कर दी और बसपा प्रमुख मायावती को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। अनुपमा ने भाजपा आईटी प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित 'साइबर योद्धा' सम्मेलन में सपा, बसपा और रालोद के गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब कुत्ते, बिल्ली, ऊंट, खच्चर आदि एक घाट पर पानी पीने लगें तो समझ लो दूसरी तरफ शेर पानी पीने आ रहा है।

उन्होंने कहा कि अपने अस्तित्व के संकट को देखकर सभी विपक्षी पार्टियां एक हो रही हैं। जो कभी एक दूसरे को फूटी आंखों नहीं सुहाते थे, वे आज एक दूसरे के लिए वोट मांग रहे हैं। अनुपमा ने बसपा प्रमुख मायावती को ‘माया महाठगनी' बताते हुए कहा कि व्यक्ति का 'नेचर' और 'सिग्नेचर' कभी नहीं बदलता। उन्होंने बसपा संस्थापक कांशीराम, पार्टी प्रमुख मायावती और उनके दल के नेताओं पर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा ''आप सबने सुना होगा साहब, बीवी और गुलाम।

उनकी पार्टी के मुखिया रहे साहब इस दुनिया को छोड़ चुके हैं। अब केवल बीवी और उसके गुलाम बचे हैं। अकेली बीवी कुर्सी पर बैठती है और गुलाम उसके सामने जमीन पर बैठते हैं। इस पार्टी को पिछले लोकसभा चुनाव में जीरो मिला था, इस बार अंडा मिलेगा।'' बेसिक शिक्षा मंत्री ने मायावती पर फिर तंज किया कि देश में ऐसे भी नेता हैं जिनकी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा तो है, लेकिन चुनाव नहीं लड़ेंगे क्योंकि उन्हें अपनी जीत का भरोसा नहीं है।

उन्होंने कहा ''बहन जी (मायावती) ने पिछले दिनों एक सवाल किया था कि प्रदेश में भाजपा की सरकार ने दो साल में क्या काम किया? हम उसने पूछना चाहते हैं कि तुम चार बार प्रदेश की मुख्यमंत्री रही हो, तुमने क्या किया?'' अनुपमा ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को भी घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना शुरू की है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री की इस योजना को आत्मसात करते हुए बेटी बचाने की नीति पर अमल करना शुरू कर दिया है।

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उन्होंने कहा कि जिसकी मां पार्टी की सुप्रीमो हो, भाई राष्ट्रीय अध्यक्ष हो और वह खुद राष्ट्रीय महासचिव हो, वह भी कहती है कि यदि पार्टी ने आदेश दिया तो मैं वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव लडूंगी। इसके बाद पार्टी में और कौन बचता है, जिससे उन्हें पूछने की जरूरत है। प्रियंका की 'मैया, भैया और सैंयां' इन दिनों खतरे में हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि उनका काम नहीं, कारनामा बोलता है। अगर ऐसा ना होता तो उन्हें आज हाथी का गोबर उठाने की जरूरत नहीं पड़ती।