हैदराबाद : आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भाजपा 26/11 के मुंबई आतंकी हमले में आतंकियों से लड़कर शहीद होने वाले हेमंत करकरे जैसे पुलिस अफसरों का अपमान कर रही है।

ओवैसी ने मालेगांव ब्लास्ट आरोपी और भोपाल से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है कि करकरे ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया था और उनके दिए श्राप के कारण करकरे आतंकी हमले में मारे गए। ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, "हेमंत करकरे ऐसे लोगों से लड़ते हुए मारे गए जो आपसे बहुत अलग नहीं थे।"

ओवैसी ने कहा, "वह इसलिए नहीं मरे कि आतंकवाद के एक आरोपी को बुरा लगा और उसने उन्हें श्राप दे दिया। यह इनसान हमारे मतदान और सरकार चुनने के अधिकार की रक्षा करने के लिए लड़ते हुए मारा गया। हमारे शहीदों का इस तरह से अपमान करने की भाजपा की हिम्मत कैसे हुई?"

2008 के मालेगांव बम विस्फोट मामले की मुख्य आरोपी प्रज्ञा ने आरोप लगाया है कि करकरे ने उन्हें मामले में गलत तरीके से फंसाया। करकरे इस मामले की जांच कर रहे थे जिसमें छह लोग मारे गए थे और सौ से अधिक घायल हुए थे। महाराष्ट्र आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने प्रज्ञा और हिंदू चरमपंथी समूह के सदस्यों को 24 अक्टूबर 2008 को गिरफ्तार किया था।

इसके एक महीने बाद मुंबई पर हमला करने वाले आतंकियों से मुकाबला करते हुए करकरे शहीद हुए थे। मई 2106 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मालेगांव विस्फोट मामले में दायर आरोपपत्र में प्रज्ञा को क्लीन चिट दी। बाद में उन्हें स्वास्थ्य आधार पर जमानत दी गई।

आपको बता दें कि भाजपा ने प्रज्ञा को भोपाल संसदीय सीट पर कांग्रेस के दिग्विजय सिंह के मुकाबले में उतारा है। इससे पहले ओवैसी ने भाजपा पर साध्वी प्रज्ञा के यह कहने पर निशाना साधा था कि चुनाव एक धर्मयुद्ध है।

उन्होंने कहा था, "चुनाव, चुनाव होते हैं, धर्मयुद्ध नहीं। लेकिन भाजपा इसे कैसे जानेगी? वो तो हर बात को धर्म और आस्था का सवाल बनाते हैं जैसे कि इन्हीं से रोजगार पैदा होगा। क्या होता अगर एक दाढ़ी-टोपीवाला असद इसे (चुनाव को) जेहाद कहता तो? पता नहीं उसे अब तक किस खंभे पर लटका दिया गया होता।"

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ओवैसी ने आतंकवाद आरोपी को प्रत्याशी बनाने के लिए भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा, "एक आतंकवाद आरोपी को भाजपा ने पुनवार्सित कर दिया। किसी बाहरी के लिए यह बेशर्मी निश्चित ही हतप्रभ करने वाली होगी लेकिन हम इसकी एक रूटीन राजनैतिक रणनीति के रूप में बात कर रहे हैं। यही है भाजपा की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस पॉलिसी।"

इस कड़ी में असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी से सवाल किया है कि क्या वो आतंकवाद के केस की आरोपी साध्वी प्रज्ञा के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। ओवैसी ने सीधा आरोप लगाया कि मोदी ने आतंकवाद से समझौता कर लिया है।

साध्वी को टिकट दिए जाने पर ओवैसी ने कहा कि इससे दुनिया भर में देश का नाम खराब हुआ है। चुनाव जीतने के लिए मोदी को कोई और प्रत्याशी नहीं मिला क्या? जो उन्होंने एक आतंकवाद का आरोप झेल रहे आरोपी को प्रत्याशी बना दिया। मोदी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ एक ड्रामा है।

ओवैसी हैदराबाद संसदीय सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।