आजमगढ़ : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को आजमगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान सपा महासचिव बलराम यादव, बसपा महासचिव सतीशचन्द्र मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष आर.एस. कुशवाहा, पूर्वाचल प्रभारी घनश्याम चंद खरवार भी मौजूद रहे।

अखिलेश यादव एक विशाल काफिले के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जाकर अपना नामांकन दाखिल किया।

उन्होंने इस दौरान पत्रकारों से कहा, "जनता जागरूक हो गई है। इसलिए पहले और दूसरे चरण के मतदान में वोटों की बारिश हो रही है। इसी तरह से वोटों की बारिश आगे भी होगी। यह बारिश समाजवादी धरती आजमगढ़ पर भी होगी।"

अखिलेश ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि आजमगढ़ में सपा-बसपा द्वारा किए गए कामों के आधार पर गठबंधन जीतेगा। भाजपा को बताना पड़ेगा कि उन्होंने देश और प्रदेश में क्या काम किया है? भाजपा को पांच सालों का नहीं, बल्कि सात सालों का हिसाब देना होगा।"

गौरतलब है कि आजमगढ़ से 2014 में अखिलेश के पिता मुलायम सिंह यादव सांसद थे। इस बार यहां से अखिलेश स्वयं चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने उनके खिलाफ भोजपुरी फिल्म स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ को प्रत्याशी बनाया है।

नामांकन के बाद, महागठबंधन बिठौली में रैली करेगा। आजमगढ़ में मतदान 12 मई को छठवें फेज में होगा।

अखिलेश ने कन्नौज और फ़िरोज़ाबाद के बाद अपने पिता मुलायम सिंह यादव द्वारा छोड़े गए निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने जा रहे है। इस बार आजमगढ़ के सांसद मुलायम सिंह यादव अपनी पारंपरिक पारिवारिक सीट मैनपुरी में वापस लौट आए हैं।

2014 में मुलायम ने बीजेपी के रमाकांत यादव को हराकर 1.60 लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी, जो इस चुनाव में कांग्रेस में शामिल हो गए और भदोई सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। अखिलेश भोजपुरी अभिनेता और भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ के साथ सीधे मुकाबले में हैं।

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पहले अखिलेश अपनी पत्नी डिंपल यादव की कन्नौज सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार थीं, लेकिन बाद में पुनर्विचार के बाद उन्होंने कन्नौज से डिंपल को मैदान में उतारने का फैसला किया और इस बार चुनाव लड़ने के लिए अपने पिता की सीट ली।