नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती और पर क्रमश: 72 और 48 घंटों तक लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करने पर रोक लगा दी है।

चुनाव आयोग ने यह कार्रवाई प्रचार के दौरान विवादास्पद बयान देने पर की है। मंगलवार की सुबह 6 बजे के बाद से ही दोनों नेता चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे। योगी आदित्यनाथ तीन दिन (72 घंटे) और मायावती दो दिन (48 दिन) तक प्रत्याशियों के लिए प्रचार नहीं कर सकेंगे।

रैली को संबोधित करतीं मायावती (फाइल फोटो)
रैली को संबोधित करतीं मायावती (फाइल फोटो)

बताया जा रहा है कि मायावती पर यह कार्रवाई एक रैली में मुसलमान को लेकर दिए बयान के बाद की गई है, जबकि योगी आदित्यनाथ पर बजरंगबली-अली वाले बयान पर हुई है।

आयोग ने दोनों नेताओं के खिलाफ अलग अलग आदेश जारी कर दोनों नेताओं के खिलाफ चुनाव प्रचार के दौरान सांप्रदायिकता से जुड़े़ बयान देने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुये यह कार्रवाई की है।

सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

आयोग प्रधान सचिव अनुज जयपुरिया द्वारा जारी आदेश में योगी और मायावती को कड़ी फटकार लगाते हुये कहा कि दोनों नेता इस अवधि में किसी भी जनसभा, पदयात्रा और रोड शो आदि में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इतना ही नहीं वह प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में साक्षात्कार भी नहीं दे सकेंगे।

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मायावती को उत्तर प्रदेश के देवबंद में एक जनसभा के दौरान मुस्लिम मतदाताओं से एक पार्टी को वोट नहीं देने की अपील करने पर आयोग ने चुनाव आचार संहिता का दोषी पाया था। जबकि योगी को मेरठ में एक जनसभा में ‘अली' और ‘बजरंग बली' से जुड़े विवादित बयान देने के कारण आचार संहिता का दोषी करार देते हुये भविष्य में ऐसे बयान नहीं देने की चेतावनी जारी की थी।

उल्लेखनीय है कि दूसरे चरण के लिये 18 अप्रैल को होने वाले मतदान के मद्देनजर 16 अप्रैल को शाम पांच बजे से प्रचार अभियान थम जायेगा।