नई दिल्ली : कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर शैक्षिक योग्यता के बारे में 2004 से विभिन्न चुनावों में विरोधाभासी जानकारी जमा करने का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने स्मृति ईरानी के ही एक टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के टाइटल सॉन्ग के जरिए उन पर हमला बोला। प्रियंका चतुर्वेदी ने मीडिया के सामने गाकर बताया कि जल्द ही एक नया सीरियल आने वाला है।

कांग्रेस ने यह आरोप ऐसे समय में लगाया है, जब एक दिन पहले स्मृति ईरानी ने अपने हलफनामे में घोषणा की थी कि वह स्नातक नहीं हैं। स्मृति कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से भाजपा की उम्मीदवार हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "स्मृति ईरानी ने एक बात साबित कर दी है कि कोई एक स्नातक से कैसे 12वीं पास बन सकता है। यह सिर्फ मोदी सरकार में संभव है।" ईरानी ने गुरुवार को अपने हलफनामे में कहा था कि उन्होंने 1991 में माध्यमिक विद्यालय परीक्षा पास की थी और 1993 में उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा पास की थी।

स्मृति ईरानी के फॉर्म में सर्वोच्च शैक्षिक योग्यता की श्रेणी में लिखा गया है - दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निग से बैचलर ऑफ कॉमर्स पार्ट-1, और कोष्ठक में लिखा है तीन साल का डिग्री पाठ्यक्रम अपूर्ण। कांग्रेस ने ईरानी के वे हलफनामे भी जारी किए हैं, जिन्हें उन्होंने विभिन्न चुनावों में सौंपे थे। हलफनामे में कहा गया है कि उन्होंने तीन साल का डिग्री पाठ्यक्रम पूरा नहीं किया है।

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स्मृति ईरानी ने 2004 में दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने पत्राचार के जरिए 1996 में आर्ट्स में बैचलर की डिग्री पूरी की थी। वर्ष 2014 में ईरानी के दस्तावेज में दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपल लर्निग से 1994 में बैचलर ऑफ कॉमर्स पार्ट-1 की योग्यता का जिक्र किया गया था।

कांग्रेस ने कहा कि ईरानी ने 2014 में एक कार्यक्रम में यह भी दावा किया था कि उनके पास येले युनिवर्सिटी की एक डिग्री है। विपक्षी नेता ईरानी की शैक्षिक योग्यता को लेकर उनपर निशाना साधते रहे हैं।