लखनऊ : उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पश्चिमी यूपी के सहारनपुर से 2019 लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान का रविवार को आगाज किया। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और अपनी सरकार की जमकर तारीफ की।

सभा को सम्बोधित करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए योगी ने कहा, 'मैं नामदारों के कुलदीपक की एक बात सुन रहा था। वह कह रहे थे कि गन्ने के पेड़ नहीं लगाए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आएगी तो डेढ़ फीट का आलू उगा देगी। जैसे आम का फल आता है, उन्हें लगता है कि आलू का भी आता होगा।’

लोकसभा 2019 के लिेए रण छिड़ चुका है आरोप- प्रत्यारोप का दौर अपने चरम पर है। कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की पार्टी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को किसानों के बकाया गन्ना भुगतान के मुद्दे पर राज्य की भाजपा सरकार को घेरा जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन पर पलटवार किया है।

प्रियंका ने 'ट्वीट' किया ''गन्ना किसानों के परिवार दिन—रात मेहनत करते हैं। मगर उत्तर प्रदेश सरकार उनके भुगतान का भी जिम्मा नहीं लेती। किसानों का 10000 करोड़ रुपये बकाया मतलब उनके बच्चों की शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और अगली फसल सब कुछ ठप्प हो जाता है।''

उन्होंने इसके साथ ही भाजपा के 'मैं भी चौकीदार' अभियान पर भी प्रहार करते हुए कहा ''यह चौकीदार सिर्फ अमीरों की ड्यूटी करते हैं, गरीबों की इन्हें परवाह नहीं है।''

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रियंका के आरोप का जवाब देते हुए ट्विटर पर कहा ''किसानों के ये तथाकथित हितैषी तब कहां थे, जब 2012 से 2017 तक किसान भुखमरी की कगार पर था। इनकी नींद अब क्यों खुली है?

प्रदेश का गन्ना क्षेत्रफल अब 22 प्रतिशत बढ़कर 28 लाख हेक्टेयर हुआ है और बंद पड़ी कई चीनी मिलों को भी प्रदेश में दोबारा शुरू किया गया है। किसान अब खुशहाल है।'' उन्होंने कहा ''हमारी सरकार जब से सत्ता में आयी है, हमने लम्बित 57800 करोड़ रुपये का गन्ना बकाया भुगतान किया है। यह रकम कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है। पिछली सपा-बसपा सरकारों ने गन्ना किसानों के लिये कुछ नहीं किया, जिससे किसान भुखमरी का शिकार हो रहा था।''