नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 का रण शुरू होते ही सभी दल अपने- अपने उम्मीदवारों की सूची फाइनल करने में लगे हुए हैं। खबरों की मानें तो भाजपा जयाप्रदा को चुनावी मैदान में उतारने के मूड में है। माना जा रहा है कि भाजपा जया प्रदा को रामपुर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है। हालांकि रामपुर से केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और वर्तमान सांसद नेपाल सिंह के बेटे का भी नाम चल रहा है।

बसपा के साथ गठबंधन करके समाजवादी पार्टी भी लोकसभा चुनावों में अपना दम फूंक रही है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक सपा रामपुर से आजम खान को उतार सकती है। अगर दोनों पार्टियां जया और आजम खान का नाम फाइनल कर देती हैं तो रामपुर में एक दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा।

जया प्रदा का सपा के आजम से मतभेद:

आजम खान और जयाप्रदा के बीच पुरानी नोक-झोक है। जब अमर सिंह समाजवादी पार्टी में प्रभाव रखते थे तब जयाप्रदा की पार्टी में बोलबाला था। जया प्रदा 2004 और 2009 में समाजवादी पार्टी की टिकट पर रामपुर से सांसद भी रह चुकी हैं। 2009 में आजम कान के तमाम विरोध के बावजूद भी मुलायम सिंह ने जया को रामपुर से चुनाव लड़वाया था।

आजम और जया प्रदा के बीच जमकर नोक-झोक जारी रही। आजम खान और उनके समर्थक जया को 'नचनिया’ और ‘घुँघरू वाली’ कहते थे वहीं जया चुनावी सभाओं में आजम को भैया कहती थीं। चुनाव के दौरान आजम खान और उनके समर्थकों ने जया की फ़िल्मों के अंतरंग दृश्यों के पोस्टर तक पूरे शहर में लगाए। फिर भी जया वह चुनाव जीतने में कामयाब रहीं।

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आजम खान ने ही सपा से अमर सिंह और जयाप्रदा का टिकट कटवाने में अहम भूमिका निभाई। जया ने 2014 के चुनाव में बिजनौर से RLD के टिकट पर किस्मत आजमाया था पर वह चुनाव हार गई थीं।

जया प्रदा की राजनीति में एंट्री :

जयाप्रदा को 1994 में उनके पुराने साथी अभिनेता एन.टी. रामाराव ने तेलुगू देशम पार्टी (TDP) में प्रवेश कराया। बाद में जया ने रामराव से नाता तोड़ लिया और पार्टी के चंद्रबाबू नायडू वाले गुट में शामिल हो गईं। 1996 में जया प्रदा को आंध्र प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के लिए राज्य सभा में मनोनीत किया गया।

पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के साथ मतभेदों के कारण जया ने TDP को छोड़ दिया और समाजवादी पार्टी में शामिल हो गईं। और 2004 के आम चुनावों के दौरान रामपुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल।

उन्हें लोकसभा चुनाव के अपने अभियान के दौरान, रामपुर स्वर इलाक़े की महिलाओं को बिंदी वितरण द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए, निर्वाचन आयोग द्वारा एक नोटिस जारी किया गया। जया प्रदा ने दोबारा 2009 में जीत हासिल की।