चेन्नई : द्रमुक ने लोकसभा चुनाव के लिए तैयार अपने घोषणापत्र में राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) को खत्म करने और निजी क्षेत्र में आरक्षण देने का मंगलवार को वायदा किया। नीट चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश संबंधी अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा है।

द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन ने अपने घोषणापत्र की मुख्य विशेषताओं को उद्धृत करते हुए कहा, ‘‘मेडिकल में प्रवेश के लिए नीट को खत्म कर दिया जाएगा।'' तमिलनाडु में विगत में बड़े राजनीतिक दलों और छात्रों के लिए नीट एक बड़ा मुद्दा रहा है।

स्टालिन ने कहा कि निजी क्षेत्र में आरक्षण देने के लिए कदम उठाए जाएंगे। पार्टी ने छात्रों के सभी शैक्षिक कर्ज माफ करने का भी वायदा किया। द्रमुक प्रमुख ने कहा, ‘‘हम केंद्र और राज्य सरकार दोनों के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लाएंगे।''

स्टालिन ने कहा कि पार्टी पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के दामों के नियमन पर ध्यान देगी। घोषणापत्र में यह भी कहा गया है कि एलपीजी के लिए सीधे खातों में जाने वाली सब्सिडी की व्यवस्था को खत्म कर गैस सिलेंडरों के दाम कम किए जाएंगे।

इसके अलावा घोषणापत्र में पूर्व पीएम राजीव गांधी के हत्यारे को रिहा कराने का वादा भी किया गया है। इसके अलावा नोटबंदी 'पीड़ितों' के परिवार को मुआवजा देने की बात भी कही गई है।

मंगलवार को डीएमके की ओर से चेन्नै में जारी किए गए घोषणापत्र में राजीव गांधी मर्डर केस में शामिल लोगों को जेल से रिहा कराने का वादा किया गया है। डीएमके इससे पहले भी कई बार राज्य सरकार और राज्यपाल से इस केस के दोषियों को रिहा करने की मांग कर चुकी है। वहीं मंगलवार को पार्टी के मेनिफेस्टों में इसका जिक्र किए जाने के बाद दक्षिण भारत की सियासत में विवाद शुरू हो गया है।

अन्नाद्रमुक ने अपने घोषणापत्र में अम्मा राष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन पहल के तहत ‘‘जरूरतमंद परिवारों'' को 1,500 रुपये प्रति माह देने का वायदा किया आपको बता दें कि राज्य में द्रमुक 20 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और शेष 19 पर इसके सहयोगी दल लड़ेंगे। तमिलनाडु में 18 अप्रैल को एक ही चरण में चुनाव होगा।