जयपुर : राजस्थान में विधानसभा चुनाव में मिली जीत से उत्साहित कांग्रेस लोकसभा चुनाव 2019 में भी वैसा ही प्रदर्शन दोहराने का दावा कर रही है, लेकिन यहां भी टिकट बंटवारे का पेंच फंसता दिख रहा है। वह भी किसी और के बीच नहीं बल्कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच।

वैभव गहलोत (फाइल फोटो)
वैभव गहलोत (फाइल फोटो)

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने बेटे वैभव गहलोत को लोकसभा टिकट दिलवाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बात का जिक्र खुद गहलोत ने पत्रकारों से भी किया है। उन्होंने कहा कि पिछले बार हम चुनाव हार गए थे, उस वक्त भी मैं चाहता था कि वैभव को टिकट मिले। मैंने खुद प्रचार किया था, लेकिन किसी वजह से टिकट नहीं मिला। इस बार भी टिकट मिलने का अंतिम फैसला राहुल गांधी का होगा।

बेटे वैभव के साथ सीएम अशोक गहलोत (फाइल फोटो)
बेटे वैभव के साथ सीएम अशोक गहलोत (फाइल फोटो)

यहां से मिल सकता है टिकट

अशोक गहलोत जानते हैं कि राज्य में इस वक्त कांग्रेस की लहर है। ऐसे में बेटे के बेहतर राजनीतिक भविष्य के लिए शायद इससे अच्छा मौका नहीं होगा। इसलिए वह जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए सवाई माधोपुर, जोधपुर और जालौर से टिकट मांग सकते हैं।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट (सौ. ट्विटर)
कांग्रेस नेता सचिन पायलट (सौ. ट्विटर)

सचिन पायलट टिकट के खिलाफ !

वैभव के लोकसभा टिकट को लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट आमने-सामने हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ समय में दोनों नेताओं के बीच इस बात को लेकर विवाद भी हो चुका है, लेकिन यह बात सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। सचिन पायल वैभव को टिकट मिलने के खिलाफ हैं। इस वक्त वैभव राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के महासचिव हैं।

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पायलट ने पहले ही कर दिया है ऐलान

राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने पहले ही स्पष्ट किया है कि उनके परिवार का कोई सदस्य आगामी लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी के निष्ठावान व मेहनती कार्यकर्ताओं को मौका मिलना चाहिए।

एक सवाल के जवाब में पायलट ने कहा, ‘‘मेरे परिवार से कोई भी व्यक्ति लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ने जा रहा है। मुझे पार्टी ने इतना बड़ा पद दिया है, मैं राजस्थान का उपमुख्यमंत्री हूं। आज भी अगर मैं टिकट के लिए अपने परिजनों की पैरवी करूंगा तो कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का क्या होगा।'‘