लखनऊ : समाजवादी पार्टी(सपा) ने शुक्रवार को लोकसभा चुनाव के लिए अपने चार उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। इसमें गोंडा संसदीय सीट से विनोद कुमार, बाराबंकी से रामसागर रावत, कैराना से तबस्सुम हसन और संभल से शफीकुर रहमान बर्क के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही सपा ने उत्तर प्रदेश में हिस्से आईं 37 सीटों में से कुल 15 सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।

बता दें कि यूपी के संभल निर्वाचन क्षेत्र से अपर्णा यादव की संभावित उम्मीदवारी को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। पहले ऐसी चर्चा थी सपा संभल से अपर्णा यादव को टिकट दे सकती है। लेकिन सपा की ओर जारी सूची में उनका नाम नहीं है। मुलायम सिंह यादव संभल सीट से अपर्णा यादव के लिए टिकट चाहते थे। संभल से मुलायम दो बार और रामगोपाल यादव एक बार सांसद रह चुके हैं।

सपा ने राष्ट्रीय लोकदल की कैराना सीट से सांसद तबस्सुम हसन को गठबंधन का प्रत्याशी घोषित किया है। तबस्सुम हसन ने रालोद के टिकट पर कैराना से उपचुनाव लड़ा था और दिवंगत भाजपा सांसद हुकुम सिंह के बेटी मृगांका सिंह को पराजित किया था।

पार्टी ने नहीं किया अपर्णा से संपर्क

बता दें कि गुरूवार को मीडिया में खबरे आई थी कि अपर्णा को संभल से चुनाव लड़ाए जाने को लेकर पार्टी आलाकमान ने अभी उनसे संपर्क नहीं किया है। अपर्णा ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि उनके ससुर उनके लिए जो भी फैसला करेंगे, वह उसका पालन करेगी।

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अपर्णा ने नेता जी और सपा सुप्रीमो पर छोड़ा उम्मीदवारी को लेकर फैसला

अपर्णा ने कहा कि '' मेरे बारे में संभल से उम्मीदवारी को लेकर चल रही अफवाहों की मुझे कोई जानकारी नहीं है। नेताजी (मुलायमसिंह यादव) मेरे लिए जो भी फैसला लेंगे, मैं उसका पालन करूंगी। आखिरकार, मैं उनकी वजह से राजनीति में हूं और वह पहले दिन से मेरे गुरु हैं। वह और सपा मुखिया अखिलेश यादव जी मेरे लिए जो भी फैसला लेंगे, मेरी बेहतरी के लिए होगा।

साल 2017 में रीता बहुगुणा से हार गईं थी चुनाव

बता दें कि 'छोटी बहू' के रूप में भी जानी जाने वाली, अपर्णा की शादी मुलायम यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव से हुई। उसने लखनऊ कैंट से 2017 का राज्य विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन वह भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी से हार गई थीं।