चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। पुलवामा में आतंकी हमले पर सिद्धू के बयान पर विपक्ष ने सवाल उठाते हुआ शोर-गुल मचाया। सदन में नवजोत सिंह सिद्धू और शिरोमणि अकाली दल के विक्रम मजीठिया में नोक- झोेक भी हुई।

शिरोमणि अकाली दल के विधायकों ने सदन की कार्यवाही से पहले विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया गया। अकाली दल विधायकों ने नवजोत सिंह सिद्धू के बयान की कड़ी निंदा की और उनका कैबिनेट से हटाने की मांग की। विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो अकाली दल के विधायकों ने सिद्धू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

प्रश्‍नकाल में नवजोत सिंह सिद्धू सदन में जवाब दे रहे थे तभी अकाली दल के विधायकों ने सिद्धू के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अकाली दल के विधायकों ने सिद्धू पर पाकिस्तान का पक्ष लेने का आरोप लगाया।

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बिक्रम सिंह मजीठिया ने सिद्धू पर जमकर हमला किया। सिद्धू ने भी मजीठिया को जवाब दिया और दोनों नेताओं में तीखी नोकझोक भी हुई। शिरोमणि अकाली दल के विधायक सदन में काली पट्टी बांध कर आए।

क्या दिया था बयान ?

सिद्धू ने कहा था, "मुट्ठीभर लोगों के लिए पूरे देश को जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है।" उन्होंने आगे कहा, "यह हमला कायरतापूर्ण है और मैं इसकी दृढ़ता से निंदा करता हूं। कोई भी हिंसा बर्दाश्त नहीं की जा सकती, जो दोषी हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए।" सिद्धू ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद का कोई धर्म और उसकी कोई जाति नहीं होती। उन्होंने कहा, "पिछले 71 साल से यह सब हो रहा है। क्या वह कभी रूके हैं।''

पंजाब विधानसभा विरोध के बाद क्या बोले

खुद पर प्रतिक्रियाओं के अंबार से तिलमिलाए सिद्धू ने पूरे मामले को 1999 के कंधार विमान अपहरण घटना से जोड़ने की कोशिश की। विधानसभा से बाहर पत्रकारों से बातचीत में सिद्धू ने पूरे मामले को राजनीतिक रूप देने की कोशिश की।

उन्‍होंने कहा, "मैं पूछना चाहता हूं कि 1999 के कंधार की घटना में शामिल लोगों को किसने रिहा किया? इसकी जिम्मेदारी किसकी है? हमारी लड़ाई उनके खिलाफ है। सैनिक क्यों मरना चाहिए? कोई स्थायी समाधान क्यों नहीं हो सकता है?"