नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की राफेल से संबंधित रिपोर्ट को ‘चौकीदार ऑडिटर जनरल’ की रिपोर्ट करार दिया और आरोप लगाया कि मौजूदा कैग राजीव महर्षि से सही रिपोर्ट की उम्मीद नहीं की जा सकती, क्योंकि वह इस रक्षा सौदे का हिस्सा रहे हैं।

कैग की रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा, ‘यह ‘चौकीदार ऑडिटर जनरल’ की रिपोर्ट है। यह नरेंद्र मोदी की रिपोर्ट है। रिपोर्ट चौकीदार के द्वारा और चौकीदार के लिए लिखी गई है।

राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उद्योगपति अनिल अंबानी के ‘बिचौलिए’ की तरह काम करने और सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री ने जो किया है वो 'देशद्रोह' है.

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के लिए मोदी पर अपराधिक कार्रवाई शुरू होनी चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी किया कि प्रधानमंत्री के फ्रांस दौरे से पहले अंबानी को कैसे पता चल गया था कि सौदा होने वाला है और कांट्रैक्ट उन्हें मिलने वाला है?

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री पर ताजा हमला उस वक्त बोला है जब एक अंग्रेजी अखबार की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मार्च 2015 के चौथे हफ्ते में व्यवसायी अनिल अंबानी फ्रांस के तत्कालीन रक्षामंत्री ज्यां-यवेस ले ड्रियन के पेरिस स्थित दफ्तर गए थे। इसके दो हफ्ते बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की घोषणा की थी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘एक ईमेल सामने आया है जिससे सवाल पैदा होता है कि अनिल अंबानी कैसे प्रधानमंत्री के दौरे से पहले फ्रांस के रक्षा मंत्री से मुलाकात कर रहे थे?

उन्होंने दावा किया, ‘तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को सौदे के बारे पता नहीं था। तत्कालीन विदेश सचिव को नहीं मालूम था। एचएएल को नहीं मालूम था। लेकिन अनिल अंबानी को पहले से पता था कि सौदा होने वाला है और वह फ्रांस के रक्षा मंत्री के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे।

पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने सोमवार को कहा था, "इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच बहुत आवश्यक है और अगर इन सारे तथ्यों को संज्ञान में नहीं लिया जाता है ,जो अखबार के माध्यम से पिछले 6-8 महीनों में सार्वजनिक हुए हैं, तो उस रिपोर्ट का बिल्कुल कोई महत्व नहीं होगा।''

इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने भी महर्षि को लेकर हितों के टकराव का आरोप लगाया था। गौरतलब है कि कैग रिपोर्ट मंगलवार को संसद में पेश की जानी है।

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वहीं, भाजपा ने राफेल विमान समझौते को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए गए राहुल गांधी के आरोपों को मंगलवार को खारिज करते हुए इसे बेशर्मी और गैरजिम्मेदारी की पराकाष्ठा बताया।

भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री की आलोचना करने के लिए राहुल ने एयरबस के जिस ईमेल का जिक्र किया, उसमें लड़ाकू विमान की खरीदारी नहीं, बल्कि किसी हेलीकॉप्टर सौदे का उल्लेख है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एयरबस को भी कटघरे में खड़े करते हुए कहा कि यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार में हुए सौदों को लेकर संदेह के घेरे में है। उन्होंने राहुल गांधी से इस बात का जवाब देने को कहा कि उन्हें कंपनी का आंतरिक ईमेल कैसे मिला।

उन्होंने राहुल गांधी पर विदेशी कंपनी के ‘‘लॉबीस्ट'' के तौर पर काम करने का आरोप लगाया। भाजपा नेता ने कहा कि गांधी परिवार से आने वाले पूर्व प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के दौरान हुए कई ‘‘संदेहास्पद'' रक्षा सौदों को लेकर भाजपा के उनके साथ गंभीर मतभेद हैं, लेकिन उन पर कभी देशद्रोह का आरोप नहीं लगाया गया।