लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्नाथ की सरकार पश्चिम बंगाल सरकार के नक्शेकदम पर चल पड़ी है। दरअसल सपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्मयंत्री अखिलेश यादव को मंगलवार को चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर प्रयागराज जाने से रोक दिया गया। अखिलेश प्राइवेट प्लेन से इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एक छात्र नेता के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने जा रहे थे। उनका कुंभ जाने का भी कार्यक्रम था।

दोनों सदनों में जोरदार हंगामा

मामला सामने आने के बाद इस मुद्दे पर विधानसभा और विधानपरिषद में भी जमकर हंगामा हुआ। करीब 20 और 25 मिनट के लिये दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। इसके बाद बसपा सुप्रीमों ने भी इस मामले राज्य की योगी सरकार पर निशाना साधा। वहीं दूसरी ओर बसपा सुप्रीमों मायावती ने सवाल किया कि क्या केन्द्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारें बसपा-सपा गठबंधन से इस कदर डरी हुई हैं कि वे ऐसे अलोकतांत्रिक तरीके अपना रही हैं।

अखिलेश ने ट्वीटर पर दी जानकारी

सपा सुप्रीमों ने सोशल साइट ट्वीटर पर इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि, ''सरकार छात्र नेताओं के शपथ समारोह में मेरे जाने से डर गयी। इसलिए मुझे इलाहबाद जाने से रोकने के लिये हवाई अड्डे पर रोक दिया गया।'' उन्होंने टि्वटर पर हवाई अड्डे से एक तस्वीर भी पोस्ट की है। इस फोटो में वह पुलिस अधिकारियों से बात करते दिख रहे हैं। इस संबंध में हवाईअड्डे के निदेशक ए. के. शर्मा से सवाल करने पर उन्होंने कहा कि इस बाबत उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

योगी ने दी सफाई

इस मुद्दे को लेकर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, इन दिनों "प्रयागराज में कुंभ चल रहा है। अभी तक वहां कई कार्यक्रम सफलतापूर्वक हुए हैं। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी ने आग्रह किया था अखिलेश यादव के प्रयागराज पहुंचने से छात्र संगठनों के बीच हिंसा भड़क सकती है, जिससे वहां लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ सकता है। इसी आधार पर सरकार ने अखिलेश को रोकने का फैसला किया।

उन्होंने यह भी बताया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने सोमवार को अखिलेश यादव के पर्सनल सेक्रेटरी को लेटर लिखकर कहा था कि यूनिवर्सिटी के प्रोग्राम में किसी भी नेता को आने की परमिशन नहीं है।