नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर चुनावी माहौल में बड़े नेताओं के बारे में अनाप शनाप उड़ाने का दस्तूर सा निकल पड़ा है। इन दिनों एक अखबार की कटिंग सर्कुलेट की जा रही है। जिसमें अमेरिकी डीएनए विशेषज्ञ के हवाले से दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे नहीं हैं।

अमेरिकी डीएनए विशेषज्ञ मार्टिन सिजो के हवाले से ये खबर वायरल की जा रही है। जिसके मुताबिक सिजो के बास राजीव और राहुल दोनों के डीएनए हैं जो आपस में नहीं मिलते।

न्यूज कटिंग की शक्ल में पोस्ट को वायरल किया जा रहा है। हालांकि इसमें ये पता नहीं चलता कि खबर किस अखबार या पत्रिका की है। खबर की हेडलाइन है, "अमेरिकी डीएनए विशेषज्ञ का दावा, राजीव गांधी के बेटे नहीं हैं राहुल।"

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मजे की बात ये कि खबर में दावा किया जा रहा है कि कथित डीएनए विशेषज्ञ मार्टिन सिजो भारत आकर इस बात के सुबूत देने के लिए तैयार हैं।

क्या है दावे की सच्चाई

पड़ताल के बाद पता चला कि ये वायरल पोस्ट पूरी तरह बकवास है। बल्कि किसी खुराफाती दिमाग की उपज कही जा सकती है। गूगल सर्च में इस तरह के किसी डीएनए विशेषज्ञ के किसी दावे का पता नहीं चलता है।

अगर वाकई मार्टिन डीएनए एक्सपर्ट होते तो उनके बारे में गूगल में जानकारी उपलब्ध होती। जिस अखबार की कटिंग का हवाला दिया गया है उसमें कई मात्रात्मक गलतियां देखी जा सकती है। अमूमन किसी जिम्मेदार अखबार में इस तरह की गलतियां नहीं मिलती है।

दरअसल चुनावी मौसम में बड़े और प्रभावशाली नेताओं को बदनाम करने के लिए इस तरह की खबरें उड़ाई जाती हैं। जिसका न तो कोई सिर होता है ना कोई पैर।