मुंबई : आने वाले आम चुनावों में महाराष्ट्र की कुल 48 लोकसभा सीटें जीतने के भाजपा के दावे का सोमवार को शिवसेना ने उपहास उड़ाते हुए कहा कि यह 'दुरुह' और 'वास्तविकता से परे' है। शिवसेना ने कहा कि राज्य में स्थिति गंभीर है और हैरानी जताई कि भाजपा राज्य में इतनी सीटें जीतने के बारे में सोच भी कैसे सकती है जब पार्टी शासित राज्य में इतनी समस्याएं मुंह फैलाए खड़ी हैं और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ गठबंधन की बातचीत भी अधर में है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रावसाहेब दानवे ने शनिवार को दावा किया था कि उनकी पार्टी राज्य में लोकसभा चुनावों में 2014 के लोकसभा चुनावों में मिली सीटों से एक सीट ज्यादा यानि 43 सीटें जीतेगी। उत्तर प्रदेश की 80 सीटों के बाद महाराष्ट्र देश का दूसरा सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाला राज्य है जहां लोकसभा की 48 सीटें हैं। अभी केंद्र और भाजपा के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में राजग की सहयोगी शिवसेना ने पिछले साल घोषणा की थी कि वह भविष्य में अकेले ही चुनाव लड़ेगी। भाजपा ने हालांकि भरोसा जताया है कि उसका शिवसेना के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन हो जाएगा।

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शिवसेना ने सोमवार को पार्टी के मुखपत्र 'सामना' में दावा किया कि फिलहाल कुछ मुद्दे राज्य को परेशान कर रहे हैं। इसमें दावा किया गया, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने अहमदनगर में किसानों की बेटियों के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की। दूध उत्पादकों और प्याज उपजाने वालों को उपज का अच्छा मूल्य नहीं मिला।

शिक्षक सरकारी स्कूलों में खाली पड़े 24 हजार पदों को भरने के लिये प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि राज्य द्वारा संचालित आश्रय गृहों में बीते चार वर्षों में एक हजार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है।” मुखपत्र में दावा किया गया कि सरकार के पास इन मुद्दों का कोई समाधान नहीं है लेकिन उसे राज्य में 43 लोकसभा सीटों को जीतने का भरोसा है।