छिंदवाड़ा लोकसभा सीट: कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ संभालेंगे पिता की विरासत 

बेटे नकुलनाथ के साथ कमलनाथ - Sakshi Samachar

भोपाल: लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश से ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए कांग्रेस सारे दांव आजमा सकती है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ छिंदवाड़ा से कांग्रेस उम्मीदवार हो सकते हैं। कार्यकर्ता लगातार नकुलनाथ को छिंदवाड़ा से उम्मीदवार बनाए जाने की मांग कर रहे हैं।

कमलनाथ छिंदवाड़ा से नौ बार से सांसद हैं। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र से नए उम्मीदवार की तलाश जारी है। कांग्रेस कार्यकर्ता नकुलनाथ को उम्मीदवार बनाए जाने की मांग कर रहे हैं। नकुलनाथ के चुनाव लड़ने के सवाल पर कमलनाथ भी कह चुके हैं कि पार्टी और कार्यकर्ता जो चाहेंगे, वही होगा।

कांग्रेस की राज्य इकाई के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता सैयद जाफर ने सोमवार को कहा, "नकुलनाथ लगातार छिंदवाड़ा क्षेत्र में सक्रिय हैं। कमलनाथ का इस क्षेत्र से पारिवारिक रिश्ता है। नकुलनाथ भी उसी रिश्ते को निभाते हुए सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। यहां एक भव्य मंदिर बना है, जिसकी देखरेख स्वयं नकुलनाथ ने की है।"

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उन्होंने आगे कहा, "नकुलनाथ हर मौके पर सक्रिय रहते हैं। यहां के कांग्रेस कार्यकर्ता चाहते हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव नकुलनाथ लड़ें। कार्यकर्ता इसके लिए प्रयासरत भी हैं। इसलिए नकुलनाथ छिंदवाड़ा से कांग्रेस के प्रत्याशी हो सकते हैं।"

ज्ञात हो कि छिंदवाड़ा के सांसद कमलनाथ राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। अब उन्हें विधानसभा का चुनाव लड़ना होगा। इस स्थिति में छिंदवाड़ा संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस को नए उम्मीदवार की जरूरत होगी।

छिंदवाड़ा में क्यों है कमलनाथ की धाक

नौ बार छिंदवाड़ा से सांसद रहे कमलनाथ की धाक आप समझ सकते हैं। यहां के लोग भी इलाके में विकास का पूरा श्रेय कमलनाथ को ही देते हैं। कांग्रेस पार्टी ने भी छिंदवाड़ा के विकास मॉडल की समय समय पर तारीफ की है।

माना जाता है कि कमलनाथ ने जब भी किसी मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली। उसका सीधा फायदा छिंदवाड़ा को जरूर मिला। यहां से तीन एनएच गुजरते हैं। दिल्ली सहित दूसरे शहरों के लिए सीधी रेल सेवा उपलब्ध है। कमलनाथ ने ही अपने प्रयासों से इलाके में सड़कों का जाल बिछाया। साथ ही जिले को एजुकेशन हब के तौर पर पहचान दिलाई। ऐसे में कमलनाथ के बेटे को यहां से चुनाव जीतने में कोई मुश्किल नहीं होगी।

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