प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को कुंभ मेले में कैबिनेट की एक ऐतिहासिक बैठक करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि 16 साल बाद एक बार फिर से प्रयागराज में हो रही इस कैबिनेट में किसानों और गरीबों से संबंधित कुछ विशेष योजनाओं पर मुहर लगाई जा सकती है। इतना ही नहीं राम मंदिर के मामले पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इस बैठक में राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट से जल्द इस मामले पर फैसला देने का अनुरोध करने का प्रस्ताव पारित किया जा सकता है। आज की कैबिनेट की बैठक में पांच फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र के मसौदे को भी लाया जा सकता है ।

कुंभ मेला परिसर के इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में होने वाली इस बैठक के लिए इसे सजाया गया है। बैठक दौरान यह भी संभावना जताई जा रही है कि योगी सरकार अयोध्या में श्री राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकती है। इसके साथ साथ गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण देने के मानक को भी आज के कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर अमलीजामा पहनाने की कोशिश की जा सकती है।

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फिल्म उरी को किया जा सकता है टैक्स फ्री

आज के कैबिनेट की बैठक में फिल्म उरी ‘द सर्जिकल स्ट्राइक’ को प्रदेश भर में मनोरंजन फ्री करने की भी संभावना है।

यह भी है प्लान

बताया जा रहा है कि कैबिनेट की बैठक खत्म होने के बाद पूरा मंत्रिमंडल संगम के किनारे जाएगा और एक साथ गंगा में डुबकी भी लगा सकता है। इस बैठक के पहले मुख्यमंत्री माघ मेला में अपने मंत्रियों के साथ हनुमान जी का दर्शन भी करेंगे। इसके साथ साथ अक्षयवट और सरस्वती कूप भी जाएंगे।

ओम प्रकाश राजभर करेंगे बहिष्कार

योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर नहीं शामिल हो रहे हैं। उन्होंने अपने फैसले से सरकार को अवगत करा दिया है।उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के आरक्षण को तीन श्रेणियों में बांटने की मांग को सरकार लगातार दर किनार कर रही है और राम मंदिर के मामले को केवल चुनावी हवा देने की कोशिश कर रही है।

कैबिनेट में बैठक में भाग लेने के लिए योगी सरकार के कई मंत्री सोमवार से ही कुंभ मेले में पहुंचना शुरू कर दिया था, जबकि योगी आदित्यनाथ मंगलवार की सुबह इसमें भाग लेने के लिए मेला क्षेत्र में पहुंचने वाले हैं।

आपको बता दें कि प्रयागराज की धरती पर लगभग 16 साल पहले भी कैबिनेट एकजुट हुई थी और 8 जनवरी 2003 को भाजपा-बसपा की गठबंधन सरकार के दौरान मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी।