नई दिल्ली : सामान्य वर्ग के आर्थिक रुप से कमजोर लोगों के लिए लाए गए 10 प्रतिशत आरक्षण बिल को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दस फीसदी आरक्षण का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है। सरकार की अधिसूचना के बाद अब यह कानून बन जाएगा।

यह 9 जनवरी को राज्यसभा और 8 जनवरी को लोकसभा में पास हुआ था। राज्यसभा में 8 घंटे और लोकसभा में करीब 5 घंटे इस बिल पर चर्चा हुई थी। राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 165 वोट पड़े थे, जबकि 7 सदस्यों ने इस बिल के विरोध में मतदान किया था। इस बिल को आखिरी मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी इस बिल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।

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ये लोग ही पा सकेंगे आरक्षण का लाभ

1 -सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ पाने के परिवार की सालाना इनकम 8 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

2- आवेदक या उसके परिवार के पास 5 एकड़ से ज्यादा कृषि योग्य भूमि नहीं हो और आवेदक या उसके परिवार के पास 1000 स्क्वायर फीट से बड़ा घर नहीं होने चाहिए।

3- आरक्षण का लाभ उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके पास निगम की 100 गज से कम अधिसूचित जमीन हो।

4- इसके अलावा निगम की 200 गज से कम अधिसूचित जमीन होने पर भी इस आरक्षण का लाभ कैंडिडेट उठा सकेंगे।