हैदराबाद: शीला दीक्षित को दिल्ली कांग्रेस कमिटी की कमान सौंपी गई है। दीक्षित का 15 सालों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री का अनुभव रहा है। इसी को ध्यान में रखकर कांग्रेस ने उनपर फिर से भरोसा किया है।

कांग्रेस नेता अजय माकन के इस्‍तीफे के बाद से ही यह पद खाली था। उन्होंने कुछ दिनों पहले इस पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद से ही शीला दीक्षित के नाम पर अटकल लगाई जा रही थी।

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने भी दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री को डीपीसीसी अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई दी है। माकन के मुताबिक, - 'मुझे विश्वास है कि शीला जी की अगुवाई में हम मोदी व अरविंद केजरीवाल सरकारों के विरोध में एक सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाएंगे।'

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बता दें कि शीला दीक्षित 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं थी। उन्हें 2014 में केरल की राज्यपाल भी बनाया गया था। वहीं देवेन्द्र यादव, राजेश लिलोठिया और हारून युसूफ को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

बतौर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित के लिए सबसे बड़ी चुनौती सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी होगी। हाल के दिनों में आप के नेता कांग्रेस के खिलाफ भी काफी आक्रामक हुए हैं।